धामपुर (बिजनौर)। हरिद्वार-काशीपुर नेशनल हाईवे पर डायवर्जन जानलेवा साबित हो रहा है। पिछले 30 दिनों में नौ लोगों की जान जा चुकी है। फोरलेन का ट्रैफिक टू लेन सड़क पर चलने की वजह से हादसे हो रहे हैं। दरअसल रामगंगा नदी के पुराने पुल को मरम्मत के लिए बंद कर रखा है। ऐसे में नए पुल से ही दोनों ओर के वाहन निकाले जा रहे हैं।
करीब एक महीना पहले भूतपुरी के पास रामगंगा नदी के पुराने पुल में खामी आने पर वाहनों का आवागमन बंद कर दिया था। पुल बंद हुआ तो हरिद्वार-काशीपुर नेशनल हाईवे को मुबारकपुर कुंडा से मनोहरवाली तक ट्रैफिक को डायवर्जन कर दिया गया। चार किलोमीटर की दूरी में फोरलेन का पूरा यातायात टू लेन से होकर गुजर रहा है। सुरक्षा की दृष्टि से यहां पर पुलिस को भी तैनात नहीं किया गया है।
हाईवे का एक हिस्सा बंद होने के कारण दोनों ओर से आने जाने वाले वाहनों को एक ही साइड से होकर गुजरना पड़ रहा है। हाईवे से होकर प्रतिदिन गुजरने वाले नागरिक पवन कुमार, धीरेंद्र सिंह, प्रेमराज आदि का कहना है कि हाईवे पर तेज गति से वाहन चलते हैं। दोनों ओर का ट्रैफिेक एक ही छोर पर संचालित होने के कारण हादसों का सिलसिला बढ़ा है। सबसे ज्यादा परेशानी रात के समय और छोटे वाहन चालकों को उठानी पड़ रही है। मरम्मत का कार्य भी बेहद धीमी गति से चलने के कारण लोगों मेंं रोष व्याप्त है। अब इस डायवर्जन के चलते ही मंगलवार की सुबह सड़क हादसे में तीन लोगों की जान चली गई। पिछले करीब तीस दिनों की बात करें तो अब तक नौ लोगों की जान जा चुकी है।
एनएचएआई के सहायक अभियंता विनोद कुमार कहना है कि पुल के स्लैब को जैक से उठा दिया गया है। आधार तैयार कर बियरिंग लगाने का कार्य किया जाना है। कार्य पूरा होने में लगभग 15 दिन का समय लग सकता है। उम्मीद है कि दिसंबर माह के अंत तक ही मार्ग चालू हो सकेगा।
जिले में इस साल अब तक हो चुकी हैं 358 मौत
कहीं सड़क की तकनीकी खामी तो कहीं लापरवाही हादसों का कारण बन रही है। इस साल के आंकड़ों पर गौर करें तो 11 महीनों में 358 लोगों की जान सड़क हादसों में जा चुकी है। जबकि 402 लोग घायल हुए हैं। सड़क दुर्घटनाओं का आंकड़ा पांच सौ को पार कर गया है।