कड़ाके की ठंड का नजारा। बिजनौर में शनिवार की सुबह कड़ाके की ठंड के चलते पत्तियों पर जमा पाला।
- फोटो : BIJNOR
2.2 डिग्री पहुंचा जिले का तापमान
बिजनौर। शनिवार सुबह से ही निकली चटख धूप ने ठंड से थोड़ी राहत दिलाई। शुक्रवार देर रात से ही पाला पड़ना शुरू हुआ। पेड़-पौधों पर जमे पाले से ठंड अधिक बढ़ गई। पौधों पर पाला बर्फ की तरह जमा दिखाई दिया। शनिवार को जिले को न्यूनतम तापमान 2.2 डिग्री सेल्सियस रहा, जबकि अधिक तापमान 17.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। नगीना स्थित मौसम वेधशाला के अनुसार शनिवार अब तक का सबसे ठंडा दिन रहा।
पिछले दिनों हुई बारिश के बाद से मौसम ने रुख बदल दिया है। अब करीब एक सप्ताह से शीतलहर चल रही है। इससे ठंड में इजाफा हुआ है। कड़ाके की सर्दी से राहत पाने के लिए हर आदमी तमाम तरह की कोशिश कर रहा है। शुक्रवार रात से ही मामूली कोहरे के साथ पाला पड़ा। शनिवार सुबह से ही निकली चटख धूप ने ठंड से थोड़ी राहत जरूर दिलाई। धूप से हटते ही मौसम में ठिठुरन बरकरार रही। सुबह से लेकर शाम तक ही धूप निकली। मौसम वेधशाला के प्रेक्षक सतीश कुमार के अनुसार शनिवार को सुबह से ही अच्छी धूप निकलने पर जिले के अधिकतम तापमान 17.6 डिग्री सेल्सियस रहा तो वहीं न्यूनतम तापमान गिरकर 2.2 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया। सुबह के समय की आर्द्रता 91 प्रतिशत रही, जबकि दोपहर में यह 56 फीसदी पर पहुंच गई। उन्होंने बताया कि इस माह पारा अभी और गिरने की संभावना है। ऐसे में सभी लोग ठंड से अपना बचाव करें।
पालक और गाजर से बढ़ाएं रोग प्रतिरोधक क्षमता
इंटरनेशनल नैचुरोपैैथी के जिला उपाध्यक्ष एवं योगाचार्य ओमप्रकाश राणा ने बताया यह समय शीत ऋतु का है। ऐसे में संतुलित खानपान ही ठंड से बचाकर रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ा सकता है। सर्दी से बचने के लिए आयुर्वेद के सिद्धांतों का अपनाकर स्वयं और अपने परिवार को सुरक्षित रख सकते हैं। आजकल पालक, गाजर, चने का साग और अन्य मौसमी सब्जियों का सेवन करना चाहिए। सुबह के समय गर्म पानी के साथ शहद का भी इस्तेमाल करना चाहिए। आयरन और कैल्शियम युक्त खाद्य और पेय पदार्थों का सेवन करें। इससे रोग प्रतिरोधक क्षमता तो बढ़ेगी ही ठंड से भी राहत मिलेगी।