नहटौर। 15 दिन पूर्व जिला महिला अस्पताल से गायब हुआ बच्चा नहटौर क्षेत्र के गांव खेड़ीजट से बरामद हो गया है। बच्चे को एक नि:संतान दंपति ने 90 हजार में चांदपुर के नर्सिंगहोम से खरीदा था। पुलिस महिला से पूछताछ कर रही है। बच्चे की हालत नाजुक होने पर उसे धामपुर के एक अस्पताल में भर्ती कराया है।
नगीना क्षेत्र के गांव पखनपुर निवासी तेजपाल सिंह की विकलांग पत्नी किरन ने छह दिसंबर को जिला महिला अस्पताल में एक पुत्र को जन्म दिया था। एक दिन बाद सास केलो देवी को झांसा देकर एक महिला बच्चे को ले गई थी।
बच्चे को गायब होने पर अस्पताल में हड़कंप मच गया था। बिजनौर कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज हुई थी। पुलिस की कई टीम बच्चे को बरामद करने में लगी थी। नहटौर क्षेत्र के गांव खेड़ीजट निवासी दुंलीचंद की पत्नी रीना देवी पत्नी नि:संतान है।
उसने एक बच्चे को गोद लिया था। जिस पर उसने गांव में दावत भी दी। नि:संतान दंपति के पास बच्चा आने की सूचना किसी ने गांव पखनपुर में दे दी। पखनपुर से दर्जनों लोग खेड़ीजट पहुंचे और उन्होंने बच्चे को पहचानते हुए अपना बताया।
पुलिस बच्चे व नि:संतान महिला को थाने ले आई। महिला ने बताया कि चांदपुर के एक नर्सिंगहोम से उसने 90 हजार रुपये में बच्चे को लिया था। उसका नर्सिंगहोम में इलाज चल रहा था।
नर्सिंगहोम से उसे कुंवारी मां का बच्चा बताकर दिया था, जिसको उसने लिखित में लिया था। बच्चे की हालत नाजुक होने पर उसे नहटौर के एक निजी चिकित्सक को दिखाया।
उसे धामपुर रेफर कर दिया गया है। कुछ दिनों के नवजात बच्चे की परिजनों ने कैसे पहचान की यह किसी के गले नहीं उतर रहा। वहीं, प्रभारी निरीक्षक संतोष यादव का कहना है कि मामले की जांच चल रही है। नर्सिंगहोम के डॉक्टर को पुलिस ने हिरासत में ले लिया है और पूछताछ की जा रही।