बिजनौर। जिले को बिजलीघरों की बड़ी सौगात मिली है। चांदपुर में उच्च क्षमता का बिजलीघर बनेगा। इससे शहर समेत सैकड़ों गांवों को बिजली संकट से निजात मिल जाएगी। इसके अतिरिक्त जिले में तीन छोटे बिजलीघरों का निर्माण भी विचाराधीन है। इनमें से दो बिजलीघर चांदपुर में बनेंगे। चारों बिजलीघरों के निर्माण प्रक्रिया पर अमल शुरू हो गया है।
विद्युत विभाग के अधिशासी अभियंता ट्रांसमिशन एसपी सिंह के अनुसार जिलेवासियों को जल्द ही बार -बार ट्रिपिंग व लो वोल्टेज से जल्द ही राहत मिल जाएगी। चांदपुर में 220/132 केवी का बिजलीघर बनेगा। बिजलीघर पीपलसाना के पास पुराने बिजलीघर के पीछे खाली जमीन पर बनेगा। बिजलीघर के निर्माण पर 109.66 करोड़ रुपये की लागत आएगी। बिजलीघर पर 160 -160 एमवीए के दो ट्रांसफार्मर लगेंगे। अधिशासी अभियंता के अनुसार चांदपुर व ताजपुर के 132 केवी के बिजलीघर ओवरलोड चल रहे हैं। दोनों बिजलीघर इससे जुड जाएंगे। इसके बाद चांदपुर बिजलीघर के नौ व ताजपुर बिजलीघर के 13 फीडरों से जुड़े करीब 150 गांवों को बिजली संकट से निजात मिल जाएगी। चांदपुर शहर का भी सप्लाई लोड कम हो जाएगा।
अभी चांदपुर व ताजपुर के 132 केवी के बिजलीघरों को नहटौर 400 केवी बिजलीघर से सप्लाई मिल रही है। नहटौर से दोनों क्षेत्र के बिजलीघरों की लंबाई अधिक है। रास्ते में पेड़ काफी है। इससे बार- बार ट्रिपिंग की समस्या रहती है। वोल्टेज भी कम रहती है। लाइन फाल्ट भी अधिक होते हैं। निर्माण की औपचारिकताएं पूरा होने के अंतिम चरण में हैं। निर्माण का टेंडर हो गया है। जल्द ही निर्माण शुरू हो जाएगा। उन्होंने बताया कि विभाग धामपुर तहसील के सहसपुर, चांदपुर के चांदपुर हल्दौर रोड व चांदपुर धनौरा रोड पर 132 केवी के बिजलीघर बनाने पर विचार कर रहा है। तीनों बिजलीघरों के निर्माण के लिए वांछित पांच एकड़ जमीन तलाशी जा रही है।
अगले तीन साल की कार्ययोजना की तैयारी शुरू
बिजनौर। शासन ने बिजली संकट से निपटने के लिए अगले तीन साल की कार्ययोजना तैयार करनी शुरू कर दी है। एसई सीपी सिंह के अनुसार शासन ने मांगा है कि वर्ष 2022 तक जिले में बिजली की खपत कितनी बढ जाएगी। कितने बिजलीघर ओवरलोड हो जाएंगे। कितने नए बिजलीघर बनाने की जरूरत है। कितने ट्रांसफार्मर चाहिए। शासन द्वारा मांगे गए बिंदुओं पर आकलन किया जा रहा है। एसई के मुताबिक शासन का रिवेन्यू बढ़ाने पर जोर है। चीफ इंजीनियर ने निर्देश दिए है कि ग्रामीण क्षेत्र की शतप्रतिशत बिलिंग हो। इसके लिए बिजली अधिकारी रैंडम चेकिंग अभियान चलाएंगे।