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भूख हड़ताल पर बैठी दो महिलाओं की हालत बिगड़ी

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धामपुर में भूख हड़ताल पर बैठी दो महिलाओं की हालत बिगड़ने के बाद भी प्रदर्शन करते शिवसेना कार्यकर? - फोटो : DHAMPUR
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भूख हड़ताल पर बैठी दो महिलाओं की हालत बिगड़ी
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धामपुर। नाला निर्माण कराने की मांग के लिए पालिका में भूख हड़ताल पर बैठी दो महिलाओं की हालत बिगड़ गई। एसडीएम ने दोनों महिलाओं को सरकारी अस्पताल में भर्ती करा उपचार कराने का प्रयास किया, लेकिन अनशनकारियों इसका विरोध कर दिया। उन्होंने चेतावनी दी कि जब तक उनकी मांग को पूरा नहीं किया जाएगा। वह यहां से नहीं उठेंगी। इस दौरान पालिकाध्यक्ष, ईओ और एसडीएम के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई।
मोहल्ला बाड़वान के लोगों ने बृहस्पतिवार को पालिका में भूख हड़ताल शुरू कर दी। पहले दिन दो महिलाओं मुन्नी देवी, मुन्नी रानी, रमेश प्रजापति और राजीव प्रजापति भूख हड़ताल पर बैठे। अनशनकारी रात पर पालिका में डटे रहे। शुक्रवार को दोनों महिलाओं की हालत बिगड़ गई। एसडीएम के आदेश पर पीएचसी के चिकितसाधिकारी डॉ. मनीष राज शर्मा ने टीम के साथ पहुंचकर अनशनकारियों का स्वास्थ्य परीक्षण किया और उपचार किया। चिकित्सकों ने कहा कि भूखा रहने और शरीर में पानी की कमी होने से महिलाओं की हालत बिगड़ी है। शुक्रवार को ब्रजमोहन प्रजापति और छोटू ने भी अनशन शुरू कर दिया। आंदोलन को राष्ट्रीय प्रजापति महासंघ के प्रदेश महासचिव पंकज कुमार दक्ष ने समर्थन का एलान किया। इस दौरान शिवसेना के जिलाध्यक्ष आरके आर्य एडवोकेट, नरेंद्र, पुष्पा उपाध्याय, बंटी, विपिन, कुसुम, अमित कुुमार, नीरज, केशव, धर्मेंद्र कुमार, लज्जावती, ललित कुमार आदि मौजूद रहे।
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सर्वे करने पहुंची टीम का हुआ विरोध
शुक्रवार को पालिकाध्यक्ष राजू गुप्ता ने आंदोलनकारियों के साथ जेई निर्माण को लेकर बस्ती के भीतर से पालिका की सड़कों के सहारे अंडर ग्राउंड नाला निर्माण कराने की योजना बनाई। वह टीम के साथ पानी के स्तर का सर्वे करने बस्ती में पहुंचे तो वहां सैनी समाज की महिलाओं ने उनका विरोध किया। चेताया कि यदि पालिका ने उनकी बस्ती में बनी सड़कों के नीचे पानी निकासी को नाला निर्माण करने का प्रयास किया तो आंदोलन होगा। जिससे टीम को बगैर सर्वे किए ही लौटना पड़ा। पालिकाध्यक्ष का कहना है कि वह हर स्थिति में समस्या का समाधान कराने के लिए आंदोलनकारियों के साथ खड़े है।
मकान बिकाऊ है लिख कर बस्ती में लोगों ने किया प्रदर्शन
मोहल्ले के लोगों ने शुक्रवार को अपने घरों की दीवारों के बाहर मकान बिकाऊ है लिख कर तहसील प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन किया। लोगों का कहना है कि जब प्रशासन की ओर से उनकी समस्या का निदान कराने को कोई विकल्प नहीं है। तो ऐसे में यहां रहकर क्या करेंगे। उनके घरों में पानी जमा है और आंदोलन करने के बाद भी उनकी समस्या का समाधान नहीं किया जा रहा है। धर्मेंद्र, राजेश कुमार, दिलीप कुमार, कृपाल सिंह, चेतन सिंह आदि ने समस्या का स्थायी समाधान न होने तक आंदोलन जारी रखने और सरकार के राष्ट्रीय कार्यक्रम का बहिष्कार करने की चेतावनी दी।
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कालोनाइजरों को जारी किए गए हैं नोटिस : एसडीएम
एसडीएम धीरेंद्र सिंह का कहना है कि समस्या का निदान कराने का प्रयास किया जा रहा है। उनके स्तर से उस क्षेत्र में अवैध तौर पर काटी जा रही कॉलोनी के कालोनाइजरों को नोटिस जारी कर दिया है। उनकी जमीन की अभिलेखों के अनुसार पैमाइश कराई जा रही है। कालोनाइजरों ने वहां पर पहले से खाली पड़ी कई बीघा जमीन को कॉलोनी में मिला लिया है और अवैध तौर खेती की जमीन में प्लाटों को काट कर महंगे दामों को बेचा जा रहा है। एक अगस्त तक का कालोनाइजरों को जवाब मांगा गया है। संतोषजनक जवाब न मिलने पर संबंधित लोगों पर कार्रवाई होगी।
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