गांवों में मिली गंदगी, पंचायत सचिव और तीन सफाईकर्मी निलंबित
बिजनौर। ग्राम पंचायतों में ग्राम सचिवालय क्रियाशील नहीं मिले। गांवों में गंदगी के ढेर पाए गए। शासन की प्राथमिकता वाले कार्यक्रम का क्रियान्वयन नहीं मिला। आरोपों में एक ग्राम पंचायत सचिव तथा तीन सफाई कर्मचारी निलंबित हुए हैं। तीन प्रधानों व दो सफाई कर्मचारी को नोटिस भेजे गए। प्रधानों पर वित्तीय अधिकार सीज होने की तलवार लटकी है।
ग्राम पंचायत सचिवालय को क्रियाशील करना व सफाई, शासन के 100 दिन के एजेंडे में शामिल हैं। शासन व प्रशासन मुख्यमंत्री की संकल्प को आगे बढ़ाने में लगा है। परंतु पंचायतों में इसका पालन नहीं हो रहा है। डीपीआरओ सतीश कुमार के पंचायतों के निरीक्षण में कर्मचारियों की लापरवाही सामने आई। ब्लॉक मोहम्मदपुर देवमल की मौढिया घासी ग्राम पंचायत में ग्राम सचिवालय क्रियाशील नहीं मिला। सामुदायिक शौचालय का गड्ढा भरा था। शौचालय में पानी की व्यवस्था के लिए बिजली कनेक्शन नहीं लिया गया है। पंचायत में जगह-जगह लगे गंदगी के ढेरों से दुर्गंध फैल रही है।
इसी ब्लॉक की पद्मपुर ग्राम पंचायत ने तो कंप्यूटर खरीदा गया है और न ही फर्नीचर खरीदा गया है। कर्मचारियों के बैठने की सही व्यवस्था नहीं होने से योजनाओं के क्रियान्वयन पर असर पड़ रहा है। पंचायत के गांवों में गंदगी के ढेर लगे हैं, जिससे संक्रामक बीमारियों के फैलने का खतरा बना है। रतनपुर रियाया ग्राम पंचायत सचिवालय एक्शन में नहीं मिला। पंचायत के लिए कंप्यूटर नहीं खरीदे गए। सामुदायिक शौचालय की गुणवत्ता बेहद घटिया थी। शौचालय प्रयोग होने के लायक नहीं दिख रहा था। तीनों ग्राम पंचायतों में दुष्यंत कुमार ग्राम पंचायत सचिव तैनात हैं।
इन पर ये हुई कार्रवाई
शासन मुख्यमंत्री के 100 दिन के एजेंडे में शामिल कार्यक्रम के क्रियान्वयन को लेकर सख्त है। इसलिए आरोपियों पर तुरंत कार्रवाई की गई। डीपीआरओ सतीश कुमार ने बताया कि ग्राम पंचायत सचिव तथा ग्राम पंचायत मौढिया घासी के तीन सफाई कर्मचारी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। साथ ही ग्राम पंचायत मौढिया घासी, पदमपुर व रतनपुर रियाया के प्रधानों को शासन की प्राथमिकता वाले कार्यों में रुचि नहीं लेने के आरोप में कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं। जवाब संतोषजनक नहीं होने पर इनके वित्तीय अधिकार सीज होंगे। ग्राम पंचायत रतनपुर रियाया के दो सफाई कर्मचारियों से भी जवाब तलब किया गया है।