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धनतेरस आज, इस बार चार दिवसीय रहेगा दीपोत्सव पर्व

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बिजनौर। प्रेम, प्रकाश और दीपों के पर्व पर ग्रहों का अद्भुत सहयोग बन रहा है। दशकों बाद बन रहे इस अद्भुत संयोग से मां लक्ष्मी की विशेष कृपा बरसेगी। ज्योतिषार्यों ने विधि-विधानपूर्वक पूजा के शुभ मुहूर्त बताए हैं। इस बार विशेष यह है कि दीपोत्सव त्योहार पांच दिवसीय नहीं बल्कि चार दिवसीय होगा। इस त्योहार की शुरुआत सर्वार्थ सिद्ध योग से हो रही है। इस बार दीपावली 14 नवंबर को है। इस त्योहार पर दीपों के प्रज्वलन का विशेष महत्व है। दीपावली पर धन के देवता कुबेर और मां लक्ष्मी और प्रथम पूज्य श्री गणेश की पूजा का विशेष महत्व है।
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धन त्रियोदशी 13 को
- वैदिक ज्योतिषाचार्य पंडित धर्मेश भारद्वाज के अनुसार धनवंतरि त्योहार दीपावली से पहले मनाया जाता है। इस बार यह पर्व 13 नवंबर को मनाया जाएगा। धन त्रियोदशी का मुहूर्त शाम 5:57 बजे से 7:53 बजे तक का है। इसी मुहूर्त में पूजा-अर्चना शुभ मानी गई है। इस दिन नवीन बर्तन, सोना-चांदी आदि खरीदने का विशेष महत्व है।
नरक चतुर्दशी 14 को
-डबराल ज्योतिष सदन के प्रभारी पंडित प्रभुदत्त डबराल ने बताया कि नरक चतुर्दशी इस बार 14 नवंबर को होगी। चतुर्दशी शनिवार सुबह 5:59 बजे से शुरू हो रही है, जो दोपहर तक रहेगी। हिंदू पंचांग के अनुसार कार्तिक महीने की चतुर्दशी तिथि पर छोटी दिवाली मनाई जाती है। इस दिन को नरक चौदस या रूप चौदस भी कहा जाता है।
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दीपावली के दो मुहुर्त होंगे
- पंडित आदेश शर्मा के मुताबिक यह दीपावली का त्योहार इस साल नरक चतुर्दशी के बाद 14 नवंबर को ही मनाया जाएगा। इस पर्व पर मां लक्ष्मी की पूजा का विशेष महत्व है। इस पर्व पर पहली बार लक्ष्मी पूजन के दो शुभ मुहूर्त बन रहे हैं। पहला शाम 5:54 बजे से रात 7:50 तक रहेगा और दूसरा मुहूर्त रात 12:22 बजे से 2:39 बजे तक रहेगा। इस दिन विशेष योग है कि अमावस्या का यह त्योहार शनिवार के दिन हो रहा है, जिसे शनिश्चरीय अमावस्या का भी संयोग मिल रहा है।
गोवर्धन पूजा 15 को
मान्यता है कि इस दिन भगवान कृष्ण ने अपनी छोटी उंगली पर गोवर्धन पर्वत उठाकर भगवान इंद्र के घमंड को चूर किया था। हिंदू धर्म में गोवर्धन पूजा का विशेष महत्व है। गोवर्धन पूजा का शुभ मुहूर्त रविवार 15 नवंबर को सुबह 9 बजे से 12 बजे तक का है। इसी शुभ मुहूर्त में पूजा करने से विशेष पुण्य लाभ होगा।
भैया दूज के तीन मुहुर्त
भैया दूज त्योहार को यम द्वितीया भी कहा जाता है। यह त्योहार कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि को मनाया जाता है। इस बार भैया दूज के तीन शुभ मुहूर्त बन रहे हैं। पहला सुबह सात से 8:30 बजे तक। दूसरा नौ से दोपहर 01:30 बजे तक और तीसरा दोपहर 3 बजे से शाम छह बजे तक का है।
पंडित गणेश चंद ध्यानी का कहना है कि सर्वार्थ सिद्ध योग से इस त्यौहार की शुरुआत हो रही है। इस बार दीपावली पर वृक लग्न और सिंह लग्न भी पड़ रहे हैं। इन लग्नों में मां लक्ष्मी की पूजा का विशेष महत्व है। शनिवार को दीपावली पर्व पर शनिश्चरीय अमावस्या का संयोग मिला है। शनि को न्याय का देवता कहा जाता है। यह साल न्याय का साल रहेगा।
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