धामपुर चीनी मिल ने विकसित कीं गन्ने की तीन नई प्रजातियां
धामपुर। धामपुर चीनी मिल ने किसानों को मालामाल करने के लिए गन्ने की तीन नई प्रजातियों को विकसित किया है। ये प्रजातियां 0238 प्रजाति का विकल्प हैं। क्षेत्र का किसान अब तक गन्ने की अच्छी पैदावार लेने को इसी प्रजाति के बीज से गन्ने की बुवाई करता आ रहा था। अब यह प्रजाति रोगों से घिर गई है। उपज में भारी गिरावट आई है। नई प्रजातियों के बीज से बुवाई करने के लिए किसानों को प्रेरित किया जा रहा है।
धामपुर चीनी मिल गन्ना जीएम ओमवीर सिंह ने बताया कि किसी समय 0238 गन्ने की प्रजाति बढ़िया थी। पर अब इसकी रिकवरी और उत्पादन गिर गया है। इस प्रजाति को अब बीमारी ने भी घेर लिया है। ऐसे में चीनी मिल ने इस प्रजाति के विकल्प के रूप में तीन और नई प्रजातियों को विकसित किया है। करीब 1500 किसानों के प्लॉटों में इन नई प्रजातियों की नर्सरी को तैयार कराया जा रहा है।
ये हैं नई प्रजातियां
अधिकारियों का कहना है कि जिन नई तीन प्रजातियों को विकसित किया जा रहा है। इनमें सीओएस 13235, सीओ 15023 व सीओएलके 14201 शामिल हैं। इनकी उपज प्रति बीघा 120 क्विंटल से उपर की है। इन प्रजातियों को कृषि जमीन की खास पहचान नहीं है। किसी ही किस्म की जमीन में बुवाई कर देने पर उत्पादन बढ़िया देती हैं। किसानों को तो समय से केवल खाद, पानी और निराई गुड़ाई करनी है। इसलिए किसानों को गन्ने की निराई गुड़ाई में कम मेहनत करने के लिए नई तकनीकी के टीलरों को सस्ते दामों पर किसानों को बेचा जा रहा है।
एकल आंख से ही बुवाई करेंगे किसान
बकौल जीएम, अगर किसानों को गन्ने की उम्दा फसल लेनी है तो गन्ने के बीज की बुआई एकल आंख से करनी होगी। लाइन से लाइन की दूरी पांच फिट और गन्ने के बीज की आंख से आंख की दूरी का अंतराल कम से कम एक फिट रखना होगा।