विभागीय अधिकारियों को मिल गई थी क्लीन चिट
बिजनौर। जिले में कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका स्कूलों के निर्माण में भ्रष्टाचार करने के आरोप में शुरुआत में शिक्षा के अधिकारियों पर भी सवाल उठे थे, लेकिन बाद यह मामला केवल उत्तर प्रदेश राज्य सहकारी निर्माण एवं विकास लिमिटेड के अधिकारियों तक ही सिमट गया था। शासन स्तर से कुछ जांच भी शुरू आई थी, लेकिन विभागीय अधिकारियों की माने तो सभी में क्लीन चिट मिल गई थी। अब संस्था के तत्कालीन प्रबंध निदेशक की गिरफ्तारी के बाद एक बार फिर यह मामला चर्चाओं में आ गया है।
कंपनी ने जिले में 13 आवासीय स्कूलों के निर्माण में पहली करीब 18 लाख की किस्त लेकर कुछ काम किया, लेकिन दूसरी चार करोड़ की किस्त लेकर काम समेट लिया था। शुरुआत में संस्था के अफसरों के साथ विभागीय अधिकारियों के नाम भी चर्चाओं में रहे। सूत्रों की माने तो शासन स्तर पर कुछ जांच भी हुई, लेकिन बाद में किसी मामले में कार्रवाई नहीं हुई। चर्चाओं में रहने वाले नामों को क्लीन चिट मल गई। बिजनौर शिक्षा विभाग में तैैनात डीसी निर्माण सलीम बेग ने बताया कि इस मामले में हमारे विभाग की ओर से ही गड़बड़ी करने वाली संस्था के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। विभाग के किसी भी अधिकारी या कर्मचारी पर कोई कार्रवाई नहीं हुई।