नगीना। आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के मुखिया व नगीना सांसद चंद्रशेखर आजाद ने प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखकर प्रशासक के रूप में कार्यरत ग्राम प्रधानों के अधिकार, मानदेय एवं कल्याणकारी सुविधाएं तत्काल बहाल करने की मांग की है।
पत्र में कहा गया है कि वर्तमान में ग्राम प्रधानों का पांच हजार रुपये मासिक मानदेय बंद कर दिया गया है। आकस्मिक मृत्यु की स्थिति में मिलने वाली 10 लाख रुपये की कल्याण कोष सहायता भी रोक दी गई है। साथ ही हैंडपंप मरम्मत, सफाई, जलनिकासी तथा अन्य आवश्यक विकास कार्य भी प्रभावित हो रहे हैं। वर्षा ऋतु के दौरान ग्राम पंचायतों के पास पर्याप्त प्रशासनिक एवं वित्तीय अधिकार न होने से ग्रामीण जनता को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
बताया कि उन्होंने छह फरवरी को पंचायतीराज मंत्री ओम प्रकाश राजभर को पत्र लिखकर संविधान के अनुच्छेद 243डी(6) के अनुरूप अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) का आरक्षण सुनिश्चित करने की मांग की थी, ताकि त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव समय पर संपन्न हो सके। इसके बाद 15 मई को उन्होंने पुनः आग्रह किया कि यदि पंचायत चुनाव समय पर न हो सकें, तो निर्वाचित प्रतिनिधियों को ही प्रशासक बनाया जाए। उन्होंने ग्राम प्रधानों का मासिक मानदेय, कल्याण कोष की सुविधाएं तथा अन्य सभी वैधानिक लाभ तत्काल बहाल किए कराने तथा ग्राम पंचायतों के प्रभावी संचालन हेतु उन्हें आवश्यक प्रशासनिक एवं वित्तीय अधिकार प्रदान किए जाने की मांग की है।