सांसद के आवास पर पहुंचा प्रतिनिधिमंडल
बिजनौर। जम्मू कश्मीर अध्ययन केंद्र बिजनौर का एक प्रतिनिधिमंडल सोमवार को सांसद मलूक नागर व नगीना सांसद गिरीश चंद के आवास पर पहुंचा। दोनों सांसदों के न मिलने पर जम्मू कश्मीर केंद्र के संयोजक मयंक मयूर के नेतृत्व में दोनों सांसदों को 22 फरवरी 1994 को भारतीय संसद के दोनों सदनों में पाकिस्तान आक्रांत जम्मू-कश्मीर के संबंध में पारित संकल्प विषयक स्मरण पत्र ऑनलाइन भेजा गया।
स्मरण पत्र में बताया गया कि पाकिस्तान आक्रांत जम्मू-कश्मीर की स्थिति को दृष्टिगत रखते हुए 22 फरवरी 1994 को भारतीय संसद के दोनों सदनों में प्रस्ताव पारित कर संकल्प लिया गया था कि जम्मू और कश्मीर राज्य भारत का अविभाज्य अंग रहा है और रहेगा। उसे शेष भारत से पृथक करने के किसी भी प्रयास का सभी आवश्यक साधनों से विरोध किया जाएगा। भारत की एकता, प्रभुसत्ता और क्षेत्रीय अखंडता के विरुद्ध हर तरह के षड्यंत्रों का प्रतिरोध करने की इच्छा शक्ति और क्षमता भारत में है। यह मांग करता है कि पाकिस्तान को भारत के राज्य जम्मू और कश्मीर के सभी क्षेत्र खाली कर देने चाहिए। जम्मू कश्मीर अध्ययन केंद्र रुहेलखंड चैप्टर ने भारतीय संसद के दोनों सदनों से उसके द्वारा पारित प्रस्ताव पर विचार करने की अपील की है। प्रतिनिधि मंडल में विनय कुमार, विदित कुमार, ललित जोशी, मोहित गुप्ता, चीनू कुमार, राजकुमार आदि शामिल रहे।