फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

देहरादून की युवती ने थाने में की आत्महत्या

Wed, 30 May 2018 12:21 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, बिजनौर
विज्ञापन
नजीबाबाद थाने में घटनास्थल का निरीक्षण करते एसपी उमेश सिंह। - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन
नजीबाबाद में नजीबाबाद पुलिस की हिरासत में मौजूद युवती ने सोमवार रात महिला कांस्टेबल के कमरे में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। युवती देहरादून से दूसरे समुदायों के एक युवक के साथ फरार हो गई थी, परिजनों की सूचना पर नजीबाबाद पुलिस ने इन्हें नजीबाबाद रेलवे स्टेशन से हिरासत में ले लिया था। पुलिस ने युवक को थाने के कार्यालय में बैठा लिया था और युवती को दो महिला कांस्टेबलों के साथ उनके थाना परिसर स्थित आवास पर भेज दिया था, जहां युवती ने आत्महत्या कर ली। सुबह घटना का पता चलने पर पुलिस में हड़कंप मच गया।
विज्ञापन

 देहरादून उत्तराखंड के थाना रायपुर क्षेत्र के वाणी विहार जैन फ्लैट अघोईवाला निवासी राकेश कुमार की 22 वर्षीय पुत्री सोनी 26 मई को एक युवक मोहम्मद जावेद के साथ फरार हो गई थी। परिजनों ने जावेद के खिलाफ सोनी को बहला फुसलाकर ले जाने और एससी-एसटी एक्ट के तहत रिपोर्ट दर्ज कराई थी। परिजनों ने सोमवार देर रात युगल को नजीबाबाद रेलवे स्टेशन के पास पकड़वा लिया और एक होमगार्ड के माध्यम से दोनों को नजीबाबाद पुलिस को सौंप दिया। देहरादून पुलिस को भी इसकी सूचना दी, जिसपर देहरादून पुलिस ने नजीबाबाद पुलिस से बात की और कहा कि उनके पहुंचने तक वह युगल को अपने पास रखे।  
 थाना प्रभारी एसएस धामा ने युवती को थाना परिसर में ही एक क्वार्टर में ही रह रही महिला कांस्टेबल प्रियंका धीमान और उसकी साथी कांस्टेबल की अभिरक्षा में युवती को सौंप दिया। महिला कांस्टेबलों की आंख लगते ही युवती ने पंखे से लटककर आत्महत्या कर ली। 
विज्ञापन

महिला सिपाही की जैसे ही आंख खुली, फंदे पर लटकी युवती को देखकर उसके होश उड़ गए। सीओ अरुण कुमार सिंह, थाना प्रभारी डीएस धामा तत्काल घटनास्थल पर पहुंचे। एसपी उमेश कुमार सिंह, एसपी सिटी डॉ.दिनेश सिंह ने युवती के पिता राकेश  कुमार, रिश्तेदार प्रमोद कुमार, उत्तराखंड पुलिस से घटना की जानकारी ली। 
युवती को पोस्टमार्टम के लिए बिजनौर भेजा गया है।  पुलिस  युवक को जेल भेजने की कार्रवाई कर रही है।

...आखिर किसके हैं डेढ़ लाख रुपये
देहरादून। पुलिस अभिरक्षा में आत्महत्या करने वाली सोनिया के पास से डेढ़ लाख रुपये भी मिले हैं। इतने पैसे युवती के पास कहां से आए इसका जवाब किसी के पास नहीं है। इस बाबत जब पुलिस ने आरोपी युवक से पूछताछ की तो उसने भी पैसों के बारे में जानकारी से इनकार कर दिया। युवती के परिजनों का कहना है कि वह घर से एक जोड़ी कपड़े तक नहीं ले गई, फिर इतनी बड़ी रकम का तो सवाल ही नहीं उठता है। ऐसे में पुलिस की शक की सुई कुछ संदिग्ध लोगों पर भी घूम रही है, जिन्होंने युगल को देहरादून से फरार होने में मदद की है। दरअसल, शुरुआत में ये पैसे सोनिया के परिजनों के ही होने का शक था। बताया जा रहा था कि कुछ दिनों बाद सोनिया की बड़ी बहन की शादी है। इसी के खर्च के लिए ये पैसे उसके परिजनों ने जमा किए थे। हालांकि, इस मामले में परिजनों ने अपनी सफाई दी है। सोनिया के भाई जय का कहना है कि सोनिया ने घर से कोई पैसे न तो लिए और न ही चुराए हैं। उन्होंने जावेद पर आरोप लगाया कि उसी ने ये पैसे सोनिया को दिए हैं। आरोप है कि जावेद गलत कामों के जरिये पैसे कमाता है। इसी का लालच देकर वह सोनिया को दून से ले गया था। हालांकि, अब तक पैसों के बारे में कोई ठोस जवाब किसी के पास नहीं है। 

 लोगों ने रायपुर-देहरादून मार्ग पर जाम लगा दिया
देहरादून।  चार दिन पहले प्रेमी के साथ फरार हुई दून की युवती ने नजीबाबाद कोतवाली में पुलिस अभिरक्षा में फांसी लगाने की खबर के बाद युवती के परिजनों और स्थानीय लोगों ने रायपुर थाने में जमकर हंगामा किया। पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाकर उन्होंने करीब दो घंटे तक रायपुर-देहरादून मार्ग पर जाम लगा दिया। मामला दो समुदाय से जुड़ा होने के कारण हिंदूवादी संगठनों के लोग भी मौके पर पहुंच गए, जिससे तनाव की स्थिति बन गई। लोगों ने का कहना था कि पुलिस चाहती तो युगल को पहले ही बरामद किया जा सकता था और युवती की जान बच सकती थी। इसके बाद विधायक उमेश शर्मा ‘काऊ’ और पुलिस अधिकारियों ने लोगों को आश्वासन देकर शांत कराया। 26 मई की शाम रायपुर के अधोईवाला निवासी राकेश कुमार ने अपनी बेटी सोनिया (22) की रायपुर थाने में गुमशुदगी दर्ज कराई गई थी। राकेश के अनुसार, सोनिया 24 घंटे से घर नहीं लौटी थी। उन्होंने पड़ोस के युवक जावेद पर सोनिया को बहला-फुसलाकर ले जाने का आरोप लगाया। गुमशुदगी दर्ज कर पुलिस दोनों की तलाश कर रही थी। बीती सोमवार रात पता चला कि नजीबाबाद पुलिस ने जावेद और सोनिया को नजीबाबाद रेलवे स्टेशन से पकड़ लिया है। नजीबाबाद पुलिस ने देहरादून पुलिस के साथ युवती के परिजनों को भी यह जानकारी दी। जरूरी कागजी कार्रवाई के बाद जावेद को हवालात में बंद कर सोनिया को महिला सिपाही प्रियंका एवं अन्य सिपाहियों की सुपुर्दगी में दे दिया गया। रात में प्रियंका और साथी सिपाही को नींद आ गई और मौका पाकर सोनिया ने पंखे से लटककर आत्महत्या कर ली। परिजन दून से नजीबाबाद पहुंचे तो पता चला कि सोनिया की मौत हो चुकी है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें