बिजनौर। भाकियू की गन्ना समिति में हुई मासिक पंचायत में बढ़ती महंगाई के अनुसार गन्ना मूल्य निर्धारित करने की मांग की गई। जिलाध्यक्ष ने कहा कि फसलों के अवशेष जलाने के नाम पर किसानों का उत्पीड़न किया जा रहा है। अगर पर्यावरण के नाम पर किसानों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की जाती है तो थानों और तहसीलों में पत्ती और पराली भरने का एलान किया गया।
जिलाध्यक्ष दिगंबर सिंह ने कहा कि फसलों के अवशेष जलाने के नाम पर किसानों का उत्पीड़न किया जा रहा है। प्रशासन अपने कर्मचारियों को कूड़ा आदीं जलाने से नहीं रोक रहा है। सरकारी कार्यालयों के बाहर रोज कूड़ा जलाया जा रहा है। लेकिन केवल किसानों के खिलाफ ही रिपोर्ट दर्ज की जा रही है। कहा कि अगर पर्यावरण के नाम पर किसानों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की जाती है तो किसान थानों और तहसीलों में पत्ती और पराली से भर दिया जाएगा। किसानों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज होने पर आर पार की लड़ाई लड़ी जाएगी। किसानों ने कहा कि महंगाई दिन पर दिन बढ़ती जा रही है, लेकिन गन्ने का मूल्य नहीं बढ़ाया जा रहा है। महंगाई के अनुपात में ही गन्ने का मूल्य भी बढ़ना चाहिए। बिलाई चीनी से गन्ना बकाया तुरंत दिलाने, सिंचाई के लिए गांवों में शेड्यूल के मुताबिक बिजली देने तथा एनएच 74 को गड्ढामुक्त कराने की मांग की गई। इस दौरान जितेंद्र सिंह, अंकित कुमार, वीर सिंह, संदीप त्यागी, अतुल चौधरी, सुनील प्रधान, लुधियान सिंह, दीपक तोमर आदि किसान मौजूद रहे।