गन्ना समिति में तालाबंदी कर पत्ती व पराली ठूंसने का एलान
धामपुर। भारतीय किसान यूनियन (भानुुुुु गुट) के कार्यकर्ताओं ने गन्ना समिति में विभिन्न समस्याओं का निदान कराने की मांग को लेकर धरना दिया। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि अधिकारियों ने उनकी मांगों का दिवाली तक निदान नहीं किया तो गन्ना समिति के कार्यालयों में तालाबंदी कर कमरों में गन्ने की पत्ती और पराली ठूंस दी जाएगी।
शनिवार को गन्ना समिति में भाकियू कार्यकर्ताओं ने धरना दिया। ब्लाक अध्यक्ष हरिराज सिंह ने आरोप लगाया कि जब तक सरकार की ओर से फसलों के रेट और गन्ने का भाव पिछले साल की तुुलना में दुगुना नहीं होगा तब तक किसानों की आय को दो गुना करने का दावा करना बेमानी है। 22 अक्तूबर को वार्ता में चीनी मिल ने गन्ने पेराई सत्र शुरू होने से पहले बकाया गन्ना मूल्य का भी भुगतान करने का भरोसा दिया था लेकिन पेराई सत्र चालू हुए आठ दिन बीत गए है। वादे के अनुरूप आधा बकाया भुगतान भी नहीं किया गया है। उनका कहना था कि चीनी मिल के अधिकारियों का तर्क है कि उनकी चीनी नहीं बिक रही है। वे जो बिजली सरकार को बेच रहे हैं, उसका 100 करोड़ रुपये बकाया है। ऐसे में वे कैसे किसानों का भुगतान करें। ब्लाक अध्यक्ष ने कहा कि इससे किसानों को कोई लेना देना नहीं है। किसानों को तो समय से पेमेंट चाहिए।
प्रेमराज सिंह ने सरकार से किसानों को गन्ना समिति से छपी गन्ने की पर्चियां पिछले सालों की तरह से दिलाने, बकाया गन्ने का पेमेंट ब्याज के साथ कराने, किसानों से बिजली की बकाया पर कनेक्शनों को न काटने की मांग की। नरेश कुमार ने डीएम से किसानों के खिलाफ दर्ज केस निरस्त कराने की मांग की। वीरेंद्र कुमार, गजेंद्र सिंह ने आरोप लगाया कि गन्ना समिति द्वारा छपी गन्ने की पर्चियां उपलब्ध नहीं कराई जा रही हैं। मोबाइल पर जो मेसेज भेजे जा रहे हैं, वे कई दिन बाद मिल रहे हैं। धरने में संतोष कुमार , नरेश कुमार , लकी कुमार, महेश, वीरेंद्र विक्रम, अंतराम सिंह, शीशराम, अखिलेश , हरनाम, दीपक कुमार, गजेंद्र सिंह रहे।