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उच्च शिक्षा ग्रहण कर देश का नाम रौशन करें बेटियां

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उच्च शिक्षा ग्रहण कर देश का नाम रोशन करें बेटियां
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रेहड़। अमर उजाला फाउंडेशन के मिशन अपराजिता अभियान के अंतर्गत एचसीएम इंटर कॉलेज में विचार गोष्ठी कार्यक्रम का आयोजन किया गया। मुख्य अतिथि बाल विकास परियोजना अधिकारी रीता चौहान ने छात्राओं को सुरक्षित रहने तथा महिला समाज की सुरक्षा व सम्मान के लिए सचेत रहने के साथ-साथ समाज में आगे बढ़ने का आह्वान किया।
रीता चौहान ने कहा कि आज महिलाएं किसी भी क्षेत्र में कम नहीं हैं। महिलाएं देश की रक्षा के लिए सेना में भी आगे आकर अपना योगदान दे रही हैं। छात्राओं को भी पुलिस, सेना व प्रशासनिक अधिकारी, शिक्षक बनकर देश की सेवा करने के लिए प्रयासरत रहना चाहिए। समाज में कुछ परिवार बेटियों को बोझ समझते हैं तथा भ्रूण हत्या तक करा देते हैं। यह सरासर गलत है। हमें उसके लिए भी डटकर मुकाबला करना चाहिए और बेटियों को जन्म देकर उन्हें पढ़ा-लिखाकर योग्य बनाकर हर क्षेत्र में आगे बढ़ाना चाहिए। आज अनेक बेटियां अपने परिवार के साथ जिले व देश का नाम रोशन कर रही हैं।
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उन्होंने छात्राओं से आह्वान किया कि वह पढ़ लिखकर उच्च शिक्षा ग्रहण करें और डाक्टर, इंजीनियर, पायलट, प्रशासनिक अधिकारी तथा शिक्षिका बनकर देश सेवा कर अपना योगदान दे सकती हैं। वे अपने माता-पिता का नाम रोशन कर उन्हें जताएं कि वे भी बेटों से कम नहीं हैं। इसके लिए उन्हें स्वयं आगे आना होना। उन्होंने समाज के लोगों से आह्वान करते हुए कहा कि कन्या भ्रूण हत्या न कर बेटी को जन्म देकर पाले पोसें और उन्हें शिक्षित कर समाज में स्थापित करने का कार्य करें। उन्होंने छात्राओं से किशोरी अवस्था से आगे बढने के लिए आवश्यक टिप्स दिए और शारीरिक स्वच्छता रखने के साथ साथ घर, गली, नगर व देश मे स्वच्छता अभियान में सहयोग करने का आह्वान किया । उन्होंने अमर उजाला की इस अनूठी पहल की सराहना करते हुए बधाई दी।
बेटों की तरह बेटियों को भी आगे बढ़ाएं
शिक्षिका सरिता वशिष्ठ ने कहा कि यदि रुचि के अनुसार परिस्थिति मिले तो छात्राएं हर क्षेत्र में आगे बढ़ सकती हैं। उन्हे भी बेटों के समान आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया जाना चाहिए ।
बेटियां भी समाज का अंग
शिक्षिका संतोष कुमारी ने कहा कि बेटियों को भी बेटों की तरह से ही पढ़ाना लिखाना चाहिए। बेटियां भी समाज का अभिन्न अंग होती हैं। मौका मिले तो वे भी देश और समाज का नाम रौशन कर सकती हैं
मिटे भेदभाव
शिक्षिका अखलेश चौहान ने कहा कि आज जरूरत है समाज मे भेदभाव मिटाकर बेटे बेटियों को बराबर समझने का। उन्हें भी उच्च शिक्षा दिलाने का आह्वान किया ।
भ्रूण हत्या नहीं करने की अपील
शिक्षिका दिव्या चौहान ने माता पिता के साथ-साथ समाज के अन्य लोगों से बेटियों को जन्म देने, भ्रूण हत्या न करने व बेटियों को लड़कों के समान शिक्षा दिलाने का आह्वान किया।
मान बढ़ा रहीं बेटियां
छात्रा दीक्षा शर्मा के अनुसार बेटियां विभिन्न क्षेत्रों में सफलता हासिल कर देश का मान बढ़ा रही हैं तो ऐस में उन्हें भी समाज में उचित सम्मान मिलना चाहिए।
विश्व में पहचान बना रहीं बेटियां
छात्रा वैशाली कुमारी का कहना है कि बेटियां पहले से त्याग करती चली आ रही हैं। वे वीरता और त्याग का प्रतीक हैं। आज पूरे विश्व में बेटियां अपनी पहचान कायम कर रही हैं।
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बेटियों को मिले सम्मान
छात्रा बुशरा ने कहा कि जिस प्रकार बेटों को समाज में सम्मान दिया जाता है वह बेटियों को भी मिलना चाहिए। इससे वह पढ़ लिखकर वह समाज हित में आगे बढ़ सकें।
मां बाप का सम्मान बढ़ाने की इच्छा
छात्रा महनाज का कहना है कि हर बेटी उच्च शिक्षा हासिल कर देश और समाज की सेवा कर अपने माता-पिता का सम्मान बढ़ाए जाने की इच्छा रखती है।
पुरुष भी बटाएं हाथ
छात्रा नेहा परवीन का कहना है कि महिलाएं अब समाज में महिलाओं की सुरक्षा के लिए उन्हें जागरूक करने का कार्य कर रही हैं। इसमें पुरुषों को भी हाथ बटाना चाहिए।
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