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माता-पिता को अब बोझ नहीं लगतीं बेटियां

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माता-पिता को अब बोझ नहीं लगतीं बेटियां
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बिजनौर। शासन की योजनाओं ने बालिकाओं का भविष्य संवारने मेें अहम भूमिका निभाई है। जिले में हजारों छात्राएं योजनाओं से लाभान्वित हो रही हैं। शासन ने बालिकाओं के लिए कन्या सुमंगला योजना, भाग्य लक्ष्मी, सुकन्या समृद्धि, धन लक्ष्मी आदि योजनाएं चला रखी है। इसके अतिरिक्त विद्यालयों में पढ़ने वाली छात्राओं के लिए छात्रवृत्ति योजना संचालित हैं। ये सभी योजनाएं बालिकाओं के लिए वरदान साबित हुई हैं।
जिले में सभी योजनाओं पर काम हो रहा है, परंतु मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना परवान चढ़ रही है। जिला प्रोबेशन अधिकारी संजय कुमार बताते हैं कि कन्या सुमंगला योजना की छह श्रेणी हैं। योजना में जिले से 5945 बालिकाओं का भुगतान हेतु डाटा सत्यापन के बाद भेज दिया गया है। इनमें 1927 बालिकाएं जन्म लेने वाली श्रेणी, 1735 बालिकाएं टीकाकरण श्रेणी, 1300 बालिकाएं कक्षा प्रथम में पढ़ने वाली श्रेणी, 590 बालिकाएं कक्षा छह में प्रवेश लेने वाली श्रेणी, 265 बालिकाएं कक्षा नौ में प्रवेश लेने वाली श्रेणी तथा 128 बालिकाएं स्नातक कक्षाओं में दाखिला लेने वाली श्रेणी की हैं। प्रथम श्रेणी में दो हजार, द्वितीय श्रेणी में एक हजार, तृतीय व चौथी श्रेणी में दो दो हजार, पांचवीं श्रेणी में तीन हजार तथा छठी श्रेणी में पांज हजार प्रति बालिका दिए जाते हैं। इस प्रकार एक बालिका को कुल पंद्रह हजार मिलते हैं। अब तक पंजीकृत बालिकाओं में से 2269 बालिकाओं का पैसा उनके खातों में आ गया है।
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सुकन्या समृद्धि योजना में भी बालिका का पोस्ट आफिस या स्टेट बैंक में 500 रुपये से खाता खोला जाता है। हर साल खाते में एक हजार जमा करना अनिवार्य है। अधिकतम डेढ़ लाख जमा हो सकता है। बैंक 8.5 से 9 प्रतिशत तक जमा धन पर ब्याज देता है। पैसा 14 साल तक जमा होगा। जमा पैसा बालिका की शिक्षा तथा शादी के लिए निकाला जा सकता है। योजना के अच्छे रिजल्ट हैं। छात्रवृत्ति योजना में भी हजारों छात्राओं का पंजीकरण है। जीजीआईसी में पढ़ने वाली सुमैय्या, श्रुति, रजनी, आदि का कहना है कि छात्रवृत्ति के पैसे से वे किताब तथा पढ़ाई का सामान खरीद लेती हैं। पिता की आमदनी कम होने से पहले जरूरी काम भी पूरे नहीं होते थे। मुख्यमंत्री ने बालिकाओं के लिए जितनी भी योजनाएं शुरू की हैं सभी बालिकाओं का भविष्य सुखद बनाने वाली हैं। बालिकाएं पढ़ लिखकर स्वावलंबी होंगी।
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जिला में मंडल में प्रथम
जिला प्रोबेशन अधिकारी संजय कुमार ने बताया कि मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना में पंजीकरण कराने में बालिकाएं तथा उनके अभिभावक दिलचस्पी ले रहे हैं। करीब छह हजार पंजीकरण विभिन्न श्रेणी में हो गए हैं। ढाई हजार बालिकाओं को पैसा मिल गया है। मंडल में जिले का योजना के क्रियान्वयन में प्रथम तथा सूबे में सातवां स्थान है।
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