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बेटी की हत्यारे पिता को आजीवन कारावास

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बेटी की हत्यारे पिता को आजीवन कारावास
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बिजनौर। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश राजकुमार बंसल ने ऑनर किलिंग के मामले में पिता को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही 50 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है। युवती को तेजाब से जलाया भी गया था।
शासकीय अधिवक्ता राजेंद्र शर्मा के अनुसार जिला उधम सिंह नगर के कस्बा विजयनगर के मोहल्ला नई बस्ती निवासी मोहम्मद अली ने थाना नजीबाबाद में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसकी भांजी फहरीन का अपने पड़ोस के लड़के से प्रेम प्रसंग चल रहा था। युवती के पिता रईस अहमद ने मुकदमा दर्ज कराकर लड़के को जेल भिजवा दिया था। बाद में उससे फैसला हो गया था। पर रईस अहमद अपनी बेटी फहरीन से इस बात को लेकर काफी नाराज रहने लगा था। फहरीन की मां फातिमा के कहने पर मोहम्मद अली अपनी भांजी फहरीन को अपने घर काशीपुर ले आया था।
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चार माह से वह उसके यहां रह रही थी। चार दिसंबर 2016 की शाम छह बजे रईस अहमद अपनी बेटी को लेने मोहम्मद अली के घर पहुंचा और कहा कि फहरीन को कल रिश्ते वाले देखने उसके घर गांव मसवासी में आ रहे हैं। इस पर फहरीन एवं रईस को वह मोटरसाइकिल से काशीपुर छोड़कर चला आया। अगले दिन सुबह पांच दिसंबर को उसे नजीबाबाद अस्पताल से सूचना मिली कि उसकी भांजी फहरीन तेजाब से जली हुई है। वह नजीबाबाद के नानूवाला क्षेत्र से मिली है। उसे उपचार के लिए बिजनौर भेज दिया गया है।
वह अपने भाई मुबारक अली के साथ बिजनौर में सरकारी अस्पताल आया। वहां फहरीन ने अपने मामा को बताया कि उसके पिता रईस एवं उसका साथी नबी हसन उसे पिकअप में बैठाकर काशीपुर से गांव के लिए चल दिए। उसे रास्ते में नींद आ गई। नबी हसन ने जब उसका गला घोंटा तब उसकी आंख खुली। वह बेहोश हो गई। दिन निकलने पर जब उसे होश आया तो उसे नजीबाबाद अस्पताल की गाड़ी लेने आई। उसने गाड़ी वालों को अपने मामा का नंबर दिया। गंभीर रूप से तेजाब से जली फहरीन को दिल्ली भेजा गया था। जहां इलाज के दौरान 23 दिसंबर को उसकी मौत हो गई थी।
छह दिसंबर को नबी हसन को गिरफ्तार किया गया था। उसकी निशानदेही पर फहरीन का सूट एवं तेजाब की बोतल बरामद की गई थी। मुकदमे के दौरान नबी हसन की मौत हो गई थी। अदालत में अपने बयान के दौरान फहरीन का मामा अहमद अली एवं मुबारक अली, उसकी माता फातिमा व एक अन्य गवाह सायरा पक्ष द्रोही हो गए थे। उन्होंने इस हत्याकांड में फहरीन के पिता रईस अहमद की किसी तरह की संलिप्तता होने से इंकार कर दिया था।
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अदालत ने इस मामले में फहरीन के मृत्यु पूर्व बयान पर विश्वास करते हुए कहा है कि इस केस में परिस्थितिजन्य साक्ष्य की समस्त कड़ियां जुड़कर एक ऐसी श्रृंखला का निर्माण हुआ है जिससे यह निष्कर्ष निकलता है कि फहरीन की हत्या रईस अहमद ने आने साथी नबी हसन के साथ की है। अदालत ने रईस अहमद को हत्या का दोषी मानते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।
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