धामपुर में केमिकल कॉलोनी में गन्ना महाप्रबंधक के स्टेनो और उनकी पत्नी की मौत के बाद पूरा माहौल गमगीन हो गया। दो साल की मासूम बच्ची विधि को यह भी नहीं मालूम कि उसके सिर से मां और बाप का साया छिन चुका है। उसे अब खेलने कूदने की उम्र में मां का आंचल नसीब नहीं होगा। इस कॉलोनी के लोगों की आंखें में बच्ची को निहारते ही नम हो गई।
धामपुर चीनी मिल की केमिकल कॉलोनी में बृहस्पतिवार की रात गन्ना महाप्रबंधक जीएम आजाद सिंह के स्टेनो अमित कुमार वाजपेयी और उनकी पत्नी सोनी उर्फ सुषमा ने मामूली विवाद में अपनी जीवनलीला समाप्त कर ली। कमरे में अमित का शव फांसी पर लटका था, जबकि उसकी पत्नी का बेड पर शव पड़ा हुआ था। उसकी दो साल की अबोध विधि बच्ची मां के पैर के पास सो रही थी। दोनों की मौत की खबर कॉलोनी में फैलते ही पूरा माहौल गमगीन हो गया। कॉलोनी के लोगों ने घटना की सूचना शुक्रवार को सुबह मिल के अधिकारियों को दी। सूचना मिलते ही मिल अधिकारी सकते में पड़ गए। मिल अधिकारियों ने बताया कि छह माह पहले अमित रानी नांगल की चीनी मिल से यहां पर स्टेनो के पद पर स्थानांतरित होकर आए थे। चीनी मिल के जीएम (प्रशासन) ने बताया कि उन्हें शुक्रवार को मिल के सीनियर आपरेटर रकमपाल सिंह ने बताया कि स्टेनो अमित कुमार वाजपेयी (31) और उनकी पत्नी सोनी उर्फ सुषमा (30) ने घरेलू विवाद में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली है।
इसके बाद शुक्रवार को सुबह पुलिस को सूचना दी गई। लोगों को इस बात की चिंता सता रही थी कि दो साल की बच्ची के भविष्य का क्या होगा। दोनों ने मौत को गले लगाने से पहले कम से कम बेटी के भविष्य के बारे में तो सोच लिया होता।