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सिमी आतंकियों ने बिजनौर में दो साल ली थी पनाह

Tue, 01 Nov 2016 12:22 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, बिजनौर
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बिजनौर में 12 सितंबर 2014 को मकान में विस्फोट होने के बाद चादर ओढ़े घायल साथी को ले जाता आतंकी। - फोटो : अमर उजाला
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 बिजनौर भोपाल की सेंट्रल जेल से फरार होने के बाद मुठभेड़ में मारे गए आठ आतंकियों में चार आतंकी अपने दो अन्य साथियों के साथ बिजनौर में पनाह लिए हुए थे। मोहल्ला जाटान के एक मकान में बम बनाते समय विस्फोट होने के बाद आतंकी फरार हो गए थे। बिजनौर से फरार छह आतंकियों में दो तेलंगाना राज्य में पुलिस के साथ मुठभेड़ में मारे गए थे। आठ माह पहले ही चारों आतंकी उड़ीसा के राउरकेला से पुलिस के हत्थे चढे़ थे।
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 मध्यप्रदेश की खंडवा जेल से 13 अक्तूबर 2013 को फरार हुए छह आतंकी ऐजाजुददीन, असलम, मोहम्मद सालिक उर्फ शल्ल, अमजद, जाकिर हुसैन और महबूब उर्फ गुड्डू ने बिजनौर के मोहल्ला जाटान व भाटान में अपना ठिकाना बना लिया था। ये आतंकी मोहल्ला जाटान में लीलो देवी और मोहल्ला भाटान में रईस के मकान में किराए पर रहते थे। जाटान में रहने वाले तीन आतंकी महबूब , ऐजाजुददीन, महबूब व सालिक लीलो देवी व बाकी रईस के मकान में रहते थे। लीलो देवी के मकान में रहने वाले आतंकी अपने को हिंदू बताकर रहे रहे थे। दोनों जगह रहने वाले आतंकी एक दूसरे के कमरे में खूब आते जाते थे। इन आतंकियों ने मुजफ्फरनगर के दंगे का बदला लेने का प्लान बना रखा था। मुजफ्फरनगर के जानसठ में लगने वाले आरएसएस के शिविर को बम से उड़ाने का इन आतंकियों ने ताना-बाना बुल लिया था। इसके लिए ही लीलोदेवी के मकान में ये बम बना रहे थे। बम बनाते समय 12 सितंबर 2014 को विस्फोट होने पर दोनों जगह रहने वाले आतंकी भाग गए थे। विस्फोट में आतंकी महबूब गंभीर रूप से झुलस गया था। विस्फोट के बाद ये सभी आतंकी भाग निकले थे। झुलसे साथी महबूब को लेकर तीन आतंकी दो दिन तक उमरी गांव के जंगल में पनाह लिए रहे। कुछ दिन बाद से यहंा से भांग गए।
पुलिस ने आतंकियों को पनाह देने में रईस और उसके बेटे अब्दुल्ला, उमरी की रहने वाली हुस्ना उसके भाई व कस्बा झालू के फुरकान को आतंकियों के सामान के साथ दबोचा था। हुस्ना अपनी बहन के साथ रईस के मकान में आतंकियों से दूसरे मकान में किराए पर रहती थी। हुस्ना आतंकियों से पूरी तरह घुल मिल गई थी। फरार आतंकी पुलिस के हाथ नहीं आए थे।
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तीन अप्रैल 2015 को बिजनौर से फरार हुए आतंकियों में दो सरगना ऐजाजुददीन व असलम तेलंगाना राज्य में पुलिस मुठभेड़ में मारे गए थे। बाकी चारों भाग निकले थे। 17 फरवरी 2016 को फरार चारों आतंकी  महबूब उर्फ गुड्डू, मोहम्मद सालिक, अमजद और जाकिर हुसैन को पुलिस ने उड़ीसा के राउलकेला से दबोचा था। उसके बाद से से भोपाल की सेंट्रल जेल में बंद थे। आतंकियों के साथ महबूब की मां भी पकड़ी गई थी। महबूब की मां भी इन आतंकियों के साथ रहती थी। आतंकियों के  खाने पीने के साथ घर का हर काम महबूब की मां देखती थी। महबूब की मां के साथ रहने के कारण आतंकियों पर कोई शक नहीं कर पाता था। राउरकेला में छिपे आतंकी फूल बेचने का कारोबार करने लगे थे।
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