एसपी के मुताबिक पुलिस की जांच में नजीबाबाद के नामचीनी प्रॉपर्टी डीलर व उनके गुर्गों द्वारा विवादित संपत्तियों पर अपना वर्चस्व कायम करने, रंगदारी मांगकर जमीनी की खरीद फरोख्त करने, एक दूसरे को नीचा दिखाने के लिए ये हत्याएं की गईं। अहसान को रास्ते से हटाकर प्रॉपर्टी खरीदने व हड़पकर प्लॉटिंग कर धन कमाने के कारोबार में लिप्त होने के कारण आसिफ व शाहनवाज ने अपने साथियों को पैसे व मकान बनवाने का लालच देकर यह दोनों हत्याएं कराईं थी।
शाहनवाज के घर पर बनाया गया था प्लान
शूटर दानिश ने पुलिस को बताया कि एक दिन वह शाहनवाज के घर गया था। घर पर उसकी पत्नी व भाई शाह आलम भी था। तभी जब्बार, मुकीम, इकरार भी वहां आ गए। शाहनवाज ने कहा कि जिस तरह उन्होंने इमरान की हत्या करने के बाद उसकी मुर्गी फार्म की जमीन पर कब्जा कर लिया है साथ ही प्रॉपर्टी डीलर आसिफ व खुर्शीद के जमीन प्लॉट काटकर बेचे हैं और काफी पैसे कमाए हैं। इसी तरह अगर वे भी अहसान की हत्या कर दें तो उसका वर्चस्व और बढ़ेगा। जिन विवादित जमीनों पर अहसान ने कब्जा कर रखा है उन जमीनों पर उनका कब्जा होगा। आसिफ व खुर्शीद के साथ मिलकर इन जमीनों पर प्लॉट काट देंगे। नजीबाबाद की जितनी विवादित जमीन होंगी वह उन्हें सस्ते दामों पर मिल जाएगी। रंगदारी से वे काफी रुपया इकट्ठा कर लेंगे। रंगदारी से गैंग चलाने के लिए उनकी पैसे की जरूरत पूरी हो जाएगी। शाहनवाज विधायकी का चुनाव लड़ेगा। शाहनवाज व उसकी पत्नी, भाई शाह आलम सब मिलकर अवैध अस्लाह की खरीद फरोख्त, नशीले पदार्थों की तस्करी से जो धन इकट्ठा किया है, उसमें शाहनवाज के हिस्से के पैसे उन्होंने आसिफ, नासिर व फईम व अन्य लोगों के साथ जमीन की खरीद फरोख्त में लगा दिया है। आसिफ, खुर्शीद, शाहनवाज नजीबाबाद की विवादित जमीन कोटद्वार रोड पर हीरो होंडा एजेंसी के पास की जमीन पर चल रहे विवाद इमरान की हत्या करके इमरान की पत्नी रूबिना व भाई जिशान से लिखवा ली है। आसिफ, खुर्शीद इसे बेच रहे हैं। हाजी अहसान उनके मामलों में अड़ंगा बना रहा था। एक जमीन के मामले में उन्होंने हाजी अहसान से अलग हटने को कहा था लेकिन वह नहीं माना। इससे आसिफ को काफी नुकसान हुआ था। तब शाहनवाज ने आसिफ व खुर्शीद से हाजी अहसान की हत्या की बात कही थी।
ऐसे की थी मामा-भांजे की हत्या
शूटर दानिश ने बताया कि उसे व जब्बार को हाजी अहसान पर गोली चलाने को कहा गया। उनकी सपोर्ट में शाहआलम, इकरार, उब्बनवाला निवासी दानिश व शाहनवाज आसपास वाहनों से खड़े रहेंगे। घटना को अंजाम देने के लिए दो मोबाइल खरीदकर उनमें नए सिम डाले गए। हाजी अहसान की हत्या के बाद उनका साथी दानिश उन्हें अपाचे बाइक से कोटद्वार ले गया। शाहनवाज ने उसे पहले ही पत्नी के उपचार के लिए पांच लाख रुपये दे रखे थे। बाद में शाहनवाज ने जब्बार को भी 50 हजार रुपये दिए। दूसरे दानिश का भी मकान बनाने व उसके मुकदमों में पैसा लगाने की बात कही। अब तक उसके व परिवार के लोगों का रहन सहन का खर्च शाहनवाज ही उठा रहा था। शाहनवाज व जब्बार को दिल्ली पुलिस दो दिन पहले गिरफ्तार कर चुकी है। शाहनवाज ने जब्बार, दानिश से अहसान व शादाब की हत्या कराई थी।
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