बिजनौर में सीजेएम अर्पणा पांडे ने निखिल की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के मामले में थाना कोतवाली देहात की पुलिस को रिपोर्ट दर्ज कर इसकी विवेचना करने का आदेश दिया है।
थाना हल्दौर के ग्राम शेरपुर कल्याण निवासी मनोज ने कोर्ट में दिए प्रार्थना पत्र में कहा था कि वह फोटो स्टेट मशीन व प्रिंटिंग मशीन रिपेयरिंग का काम करता है। उसकी दुकान पर थाना कोतवाली देहात के ग्राम मनीरामपुर निवासी निखिल काम सीख रहा था। 30 दिसंबर 2016 को निखिल ने फोन पर बताया कि उसकी जान खतरे में है। उसे उसी के गांव के अंकित व कपिल ने मारा पीटा है और उसे जान से मारने की फिराक में लगे हैं। इस पर उसने निखिल को 100 नंबर पर पुलिस को सूचना देने को कहा। एक जनवरी 2017 को उसे दोपहर में सूचना मिली कि निखिल की मृत्यु हो गई। निखिल का पोस्टमार्टम जिला अस्पताल बिजनौर में हुआ।
इस घटना के बाद पप्पू व भूरे ने उसे बताया कि 31 दिसंबर की शाम को उन्होंने निखिल को अंकित व कपिल के साथ जाते देखा था। इस बारे में रिपोर्ट दर्ज करने के लिए थाना कोतवाली देहात, एसपी, डीआईजी को प्रार्थना पत्र दिया गया, लेकिन कोई कानूनी कार्रवाई नहीं हुई थी। कोर्ट ने इस मामले में रिपोर्ट दर्ज करने के आदेश दिए हैं।