बिजनौर के हरेवली स्थित सर्वयूपी ग्रामीण बैंक में जहर खाकर जान देने का प्रयास करने वाले बैंक अधिकारी नवल किशोर के स्वास्थ्य में सुधार है। तीसरे दिन होश आने पर उसने बताया कि उसने शाखा प्रबंधक की प्रताड़ना के बाद यह कदम उठाया था। तीन दिन बीतने पर भी न तो शाखा प्रबंधक और न ही बैंक के किसी उच्चाधिकारी ने उसकी कुशलता पूछी है।
रानी बाग कॉलोनी में किराए के घर में रह रहे जेपी नगर जिले के नौगांवा शादात के मुनव्वरपुर निवासी नवल किशोर ने तीसरे दिन बताया कि वह काफी दिन से शाखा प्रबंधक की मनमानी से प्रताड़ित था। दलित होने के चलते शाखा प्रबंधक उसके साथ भेेदभाव करते हैं।
इस पूरे वाकये की उसने पिछले दिनों आरएम से भी शिकायत की थी। आरएम ने इस मामले में कुछ नहीं किया। उसके पैरों में अब भी कंपन हैं। रीढ़ की हड्डी सांस लेते वक्त दर्द कर रही है। ब्रेन स्थिर नहीं है। डाक्टरों ने राय दी है कि वह लोगों से ज्यादा बातचीत न करे, वरना ब्रेन हेमरेज हो सकता है।
उधर, आरएम बिजनौर अनिल कुमार का कहना है कि मामला उनके संज्ञान में है। समय न मिलने के कारण वह कुशल-क्षेम नहीं ले पाए हैं। बैंक स्टाफ ने बताया कि शाखा प्रबंधक अवकाश पर हैं। नवल किशोर ने बताया कि 26 अप्रैल को वह पिता की खैर-खबर लेने के लिए घर गया था।
शाखा प्रबंधक से बात न होने की वजह से उसने साथी अधिकारियों को अवकाश से अवगत करा दिया था। शाखा प्रबंधक रवींद्र कुमार ने इन सभी आरोपों को सिरे से नकारा है।