सहारनपुर के देवबंद में लखनऊ में शुक्रवार को हुए पेट्रोल पंपों पर घटतौली का खुलासा होने के बाद शनिवार को सहारनपुर में भी प्रशासन की एक टीम ने तेल का बड़ा खेल पकड़ा है। देवबंद के गांव गुनारसा में टीम को एक पेट्रोल पंप ही फर्जी तरीके से चलता मिला।
पेट्रोल पंप पर दबे टैंकरों से करीब 3200 लीटर डीजल और पेट्रोल बरामद हुआ है। इसके अलावा तेल से भरे 15 ड्रम भी बरामद हुए हैं। पेट्रोल पंप के पास न तो किसी कंपनी का लाइसेंस था और न ही कोई अनुमति।
इस पेट्रोल पंप पर कहां से तेल सप्लाई हो रहा था, इसके भी कोई कागजात या रिकार्ड पेट्रोल पंप पर मौजूद नहीं थे। मालिक के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर पंप को सीज कर दिया गया है।
शनिवार को एसडीएम रामविलास यादव, डीएसओ ध्रुवराज सिंह यादव और बांट माप निरीक्षक राजेश कुमार की टीम ने देवबंद-गुनारसा रोड पर चल रहे ओम नीलकंठ फिलिंग स्टेशन पर छापेमारी की। यहां जांच के दौरान पता चला कि पेट्रोल पंप पूरी तरह से अवैध रूप से चल रहा है।
मौके पर पेट्रोल पंप मालिक नहीं मिला, एक सेल्समैन सवर्ण मिला, जो टीम को कोई जानकारी नहीं दे पाया। एसडीएम ने बताया कि अवैध रूप से चलने के कारण पेट्रोल पंप को सीज कर दिया गया है।
यह पंप पचेंड़ा (मुजफ्फनरगर) निवासी जितेंद्र व सुखपाल के नाम पर है। छापामारी दौरान टीम को जमीन में दबे टैंकर से 3200 लीटर पेट्रोल व डीजल के अलावा 12 ड्रम भरे हुए और तीन ड्रम आधे भरे मिले हैं।
तेल से भरे 15 ड्रम टीम ने जब्त कर उन्हें पुलिस की सुपुर्दगी में दे दिया है। बताया जा रहा है कि यह पेट्रोल पंप पिछले करीब एक साल से चल रहा था। पेट्रोल पंप स्वामी के खिलाफ कोतवाली में जिला खाद्य पूर्ति अधिकारी की तरफ से एफआईआर दर्ज करा दी गई है।
जिला पूर्ति अधिकारी ने बताया कि बायोडीजल बताकर लोगों को डीजल बेच रहा था, लेकिन इस तरह का कोई डीजल नहीं है। यहां बरामद डीजल-पेट्रोल मिलावटी तो नहीं, साथ ही यहां बेचा जा रहा पेट्रोल और डीजल कहां से सप्लाई हो रहा था, इन बिंदुओं की भी जांच की जा रही है।