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फर्जी टिकट जारी करने के मामले में फंस सकते हैं सात और परिचालक

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सात और परिचालक पर गिर सकती है गाज
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बिजनौर। अलीगढ़ और आगरा में हुए टिकट घोटाले की परतें उधड़ती जा रही हैं। इस मामले में उत्तर प्रदेश परिवहन निगम के बिजनौर डिपो में कार्यरत सात और परिचालकों को नौकरी से हाथ धोना पड़ सकता है। इससे पूर्व आठ घोटालेबाज परिचालकों पर गाज गिर चुकी है।
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बिजनौर डिपो में 122 बसे हैं। इनमें 29 निगम की तथा 93 अनुबंधित हैं। रोडवेज की बसों पर नियमित और संविदाकर्मी के रूप में चालक-परिचालक कार्यरत हैं। आगरा और अलीगढ़ परिक्षेत्र में टिकट घोटाला प्रकाश में आने के बाद परिचालकों से लेकर अफसरों तक में हड़कंप मचा हुआ है। अफसर घोटालेबाजों की कुंडली खंगालने में जुट गए हैं। विभागीय सूत्र बताते हैं कि फर्जीवाड़े में लिप्त परिचालक एक यूज टिकट को 800 बार तक ईटीएम से टिकट जारी कर देते थे। ऐसा कर ये शातिर प्रतिदिन निगम को लाखों रुपये का चूना लगा रहे थे। इस मामले में बिजनौर डिपो के आठ कंडक्टर पर गाज गिर चुकी है। इस मामले में निगम के परिचालक आशुतोष को निलंबित कर दिया गया था, जबकि रतनलाल, विकल्प, विवेक चौधरी, मनोज, रवि, अंकित, हरिओम, दिलीप की संविदा समाप्त कर दी गई थी। एआरएम वी.के. मौर्य ने बताया कि सात और परिचालकों के घोटाले में संलिप्त पाए जाने का अनुमान है।
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