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युवती के अपहरण में आरोपी की जमानत याचिका निरस्त

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अपहरण में आरोपी की जमानत याचिका निरस्त
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बिजनौर। जिला एवं सत्र न्यायाधीश सुभाष चंद ने दूसरे संप्रदाय की युवती के अपहरण के मामले में मुख्य आरोपी के भाई की जमानत याचिका निरस्त कर दी है।
थाना शिवालाकलां क्षेत्र के एक गांव निवासी युवती का पांच जून को अपहरण हो गया था। युवती के पिता ने गांव सेला निवासी इंतकाम और उसके साथियों के खिलाफ अपहरण की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। दोनों पक्षों के अलग-अलग संप्रदाय का होने के कारण इस मामले ने तूल पकड़ लिया था। इस मामले में युवती के परिजनों ने उसकी बरामदगी के लिए हिंदू संगठनों के साथ मिलकर धरना प्रदर्शन भी किया है। पुलिस इस मामले में आरोपी युवक का पीछा करते हुए जम्मू तक पहुंची गई थी। इस मामले में युवती को पुलिस ने नूरपुर से बरामद किया था। मुख्य आरोपी इंतकाम को भी पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। इस मामले में पुलिस जांच में इंतकाम के भाई नासिर की भूमिका भी अपहरण में सामने आई थी। पुलिस ने उसे भी जेल भेज दिया था। बरामदगी के बाद कोर्ट में दिए बयान में युवती ने अपने अपहरण में इंतकाम व उसके भाई नासिर व अन्य रिश्तेदारों की भूमिका भी बताई थी। युवती का कहना था कि इंतकाम अपहरण के बाद उसे जम्मू ले गया। वहां उसे बंधक बनाकर एक महीने तक उससे बलात्कार किया। पैसे खत्म होने पर इंतकाम उसे नूरपुर वापस लाया तो पुलिस ने उसे बरामद किया। शासकीय अधिवक्ता हजूर मेहंदी जैदी के अनुसार इस मामले में कोर्ट ने मुख्य आरोपी के भाई नासिर की अपहरण में सक्रिय भूमिका पाते हुए उसकी जमानत याचिका निरस्त कर दी है।
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गैंगस्टर को सुनाई तीन साल की सजा
बिजनौर। एडीजे सुनीत चंद्रा ने गैंग बनाकर गंभीर अपराध करने के आरोपी युवक वाजे उर्फ वाजिद को तीन साल के कारावास व पांच हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। थाना चांदपुर के प्रभारी निरीक्षक ने थाना हस्तिनापुर के गांव बस्तौरा निवासी वाजे उर्फ वाजिद के खिलाफ दाखिल चार्जशीट में कहा था कि वह अपने साथियों के साथ गैंब बनाकर लूट आदि गंभीर अपराधों को अंजाम देता है। इस गैंग के आतंक की डर से लोग उनके खिलाफ गवाही नहीं देते हैं।
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