पुलिस ने किया निशा हत्याकांड का खुलासा
शेरकोट। पुलिस ने निशा हत्याकांड का खुलासा करते हुए प्रेमी और उसके बाप को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। नामजद आरोपी अभी फरार हैं। पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे निशा की हत्या कर उसके ही परिजनों को फंसाना चाहते थे। इसलिए निशा की हत्या कर उसके शवके दो हिस्सों में बांटकर लाश को अलग अलग जगह ठिकाने लगाया था। जिसके चलते हत्या से जुड़ा कोई भी साक्ष्य आरोपियों के पास न मिल पाए। पुलिस ने आरोपियों पर साक्ष्य नष्ट करने की गंभीर धाराएं भी लगाई है।
26 जनवरी को कंदला शाहकोट के तालाब से एक युवती का धड़ मिला था। जबकि 29 जनवरी को नगीना थाने के गांव हुरनंगला एक युवती का ही धड़ से अलग सिर मिला था। घटना का पता लगने पर गांव परमावाला निवासी इंद्राम ने युवती की शिनाख्त अपनी बेटी निशा के रूप में की। इंद्राम ने पुलिस में आरोप लगाया कि उसकी बेटी ने करीब छह माह पहले गांव कंदला शाहकोट निवासी लवप्रीत पुत्र रणजीत से आर्य समाज में विवाह कर लिया था। तभी से वह उसके साथ रह रही थी। लेकिन इस शादी से लवप्रीत का बाप रणजीत नाखुश था। वह अपने बेटे की शादी कहीं और करना चाहता था। इस बात का पता निशा को लग गया। वह पिता पुत्र के आड़े आ गई। निशा के विरोध करने पर आरोपियों ने उसे रास्ते से हटाने का षडयंत्र रचा। उसने अपने पुत्र को विश्वास में लेकर निशा की हत्या कर दी। युवती के परिजनों को फंसाने के लिए पिता पुत्र ने निशा की लाश को धारदार हथियारों से दो हिस्सों में बांटकर ठिकाने लगा दिया। आरोपियों ने हत्या के बाद निशा के धड़ को गांव कंदला शाहकोट के तालाब में फेंक दिया। जबकि उसके सिर को गांव हुरनगंला में फेंक आए। लाश की शिनाख्त होने पर आरोपी पिता पुत्र ने निशा के परिजनों पर यह भी आरोप लगाया कि शादी के लेकर दोनों पक्षों का फैसला हो चुका था। पंचायत के लिखित फैसले के बाद निशा अपने घर चली गई थी। लेकिन युवती के परिजनों ने मामले का राजफास करते हुए बताया कि दोनों पक्षों में कोई फैसला नहीं हुआ था। निशा अपनी मर्जी से अपने प्रेमी के साथ उसके घर पर ही रह रही थी। पुलिस ने इस मामले में निशा के परिजनों की तहरीर पर प्रेमी लवप्रीत, पिता रणजीत, मां, भाई, बहन व जीजा के खिलाफ हत्या का नामजद मुकदमा दर्ज किया था। पुलिस ने घटना का खुलासा करते हुए हत्या के आरोप में पिता पुत्र को दबोच लिया। आरोपियों पर हत्या के साक्ष्य नष्ट करने की धाराएं भी लगाई गई हैं। पुलिस को आरोपियों के पास से हत्या जुड़ा कोई भी साक्ष्य नहीं मिल पाया है। उधर एसओ पंकज तोमर का कहना है कि मामले में नामजद आरोपियों को शीघ्र गिरफ्तार कर जेल भेजा जाएगा। हत्या के मुख्य आरोपियों का चालान कर दिया गया है। पुलिस जांच कर रही है।