युवक की हत्या में पति-पत्नी को उम्र कैद
बिजनौर। एडीजे रामकरन ने वीरेंद्र हत्याकांड में आरोपी पति-पत्नी को आजीवन कारावास व 25-25 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। वीरेंद्र की अपहरण के बाद हत्या की गई थी।
शासकीय अधिवक्ता गंगाराम के अनुसार थाना नहटौर के ग्राम नारायणखेड़ी निवासी सुरेंद्र ने अपने भाई वीरेंद्र की गुमशुदगी दर्ज कराई थी। कहा गया था कि 27 फरवरी 2012 को उसका भाई गन्ना समिति की नौकरी के लिए निकला था। काफी तलाश पर भी उसका कोई पता नहीं चला। इस मामले में पुलिस जांच में पता चला कि वीरेंद्र के जाकिर की पत्नी से अवैध संबंध थे। घर बुलाकर जाकिर व उसकी पत्नी अफसरी ने वीरेंद्र की हत्या कर दी। वीरेंद्र की लाश को कब्रिस्तान में दफना दिया। पुलिस ने जाकिर व उसकी पत्नी अफसरी की निशानदेही पर वीरेंद्र की लाश कब्रिस्तान से कब्र खोदकर 28 अप्रैल को बरामद की थी। पुलिस ने आरोपी दंपति के पास से मृतक का मोबाइल भी बरामद किया था। पुलिस जांच में ऐसे कई लोग सामने आए जिन्होंने मृतक वीरेंद्र को जाकिर व उसकी पत्नी के साथ उनके घर जाते हुए देखा था। कोर्ट ने इस मामले में जाकिर व उसकी पत्नी अफसरी को वीरेंद्र का अपहरण करने व उसकी हत्या कर साक्ष्य मिटाने के लिए शव छिपाने का दोषी पाते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।