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पुलिस ने दबोचा सुपारी लेकर हत्या करने वाला गैंग

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पुलिस ने दबोचा सुपारी लेकर हत्या करने वाला गैंग
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बिजनौर। पुलिस ने सुपारी लेकर हत्या करने वाले गैंग के सरगना कोहर सिंह और उसके दो साथियों को गिरफ्तार किया है। इस गैंग ने ही ढाई माह पूर्व विक्रांत हत्याकांड के जेल में बंद आरोपियों से सुपारी लेकर गांव आदोपुर निवासी कुंवर सिंह की हत्या की थी। पुलिस के मुताबिक कोहर सिंह लूट, हत्या सहित 18 से ज्यादा संगीन वारदातों को अंजाम दे चुका है।
एसपी संजीव त्यागी के मुताबिक नहटौर थाने के गांव पपसरा निवासी कोहर सिंह ने गांव के ही विकास को एक मुकदमे में गवाही देने से मना किया था। विकास गवाही देने पर अड़ा था। कोहर सिंह ने उसे गोली मारकर घायल कर दिया था। हल्दौर थाने में इस घटना की रिपोर्ट दर्ज हुई थी। हल्दौर पुलिस ने इनामपुरा पुलिया के पास से कोहर सिंह के अलावा नजीबाबाद थाने के राजारामपुर फाजिल उर्फ आलोपुर निवासी कमलदीप को एक चाकू व तमंचे के साथ दबोच लिया। पूछताछ के दौरान उन्होंने बताया कि मोहित पुत्र भीम सिंह निवासी मुजफ्फरा, नहटौर ने एक मुकदमे में गवाही न देने व धमकाने के लिए व कहना नहीं मानने पर विकास को ठिकाने के लिए 80 हजार में सौदा किया था। पांच हजार रुपये एडवांस में दिए थे। मोहित का भाई कृष्णा जेल में बंद है। मोहित व कृष्णा को पिता भीम सिंह ने अपनी संपत्ति से बेदखल कर रखा है। भीम सिंह विकास के रिश्ते में फुफेरे भाई लगते हैं। इसलिए मोहित व कृष्णा विकास से रंजिश रखते है। 20 सितंबर को भीम सिंह ने ही बेटे मोहित व कृष्णा के खिलाफ हल्दौर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इस मामले में विकास गवाह है। 13 फरवरी को न्यायालय में इस मुकदमे की तारीख है। इस मुकदमे में गवाही न देने पर मोहित व कृष्णा ने विकास को रास्ते से हटाने के लिए इन बदमाशों को लगाया। इसके अलावा इन बदमाशों ने कोतवाली देहात के श्याम सिंह के भट्टे के पास एक व्यक्ति की कनपटी पर तमंचा रखकर उसकी बाइक, 700 रुपये व मोबाइल भी लूटी थी। इसी बाइक की नंबर प्लेट हटाकर विकास की हत्या में प्रयोग करने वाले थे।
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एसपी ने बताया कि पकड़े गए शूटर कोहर सिंह ने बताया कि 16 नवंबर 2018 को शहर कोतवाली के गांव आदोपुर निवासी कुंवर सिंह की इंद्रलोक कॉलोनी में मॉर्निंग वॉक पर जाते समय कोहर सिंह ने अपने साथी टीटू के साथ मिलकर हत्या कर दी थी। विक्रांत हत्याकांड में बिजनौर जेल में बंद शानू त्यागी, छोटे, अचिन व मोनू ने जेल से सुपारी देकर यह हत्या कराई थी। शानू त्यागी की पत्नी ने कोहर सिंह को 30 हजार रुपये, तमंचा व एक पिस्टल हत्या करने से पहले दिया था। टीटू को उसके साथ हत्या करने के लिए भेजा था। कोहर सिंह की हत्या करने के बाद बाइक को सालमाबाद भरैरा की नहर की पटरी पर छोड़कर भाग निकले थे। पुलिस के मुताबिक कुंवर सिंह की हत्या इसलिए कराई थी कि विक्रांत के परिजनों के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज हो जाए और बाद में समझौता होने पर वे लोग जेल से बाहर आ जाए। इस घटना को अंजाम दिलाने की कुंवर सिंह के बेटे बाबू को भनक नहीं लगने दी। बाबू भी विक्रांत की हत्या में जेल में बंद है। एसपी के मुताबिक कोहर सिंह सिर में गोली मारकर हत्या करता है। वह अब तक 18 से ज्यादा घटनाओं को अंजाम दे चुका है। कोहर सिंह से पूछताछ के बाद पुलिस ने चांदपुर के बास्टा में हुई मिनी बैंक लूट की सात हजार 500 रुपये की रकम और वारदात में प्रयुक्त बाइक के साथ चांदपुर थाने के गांव लुहारपुरा निवासी रफीक को भी दबोच लिया। उसके पास से एक तमंचा, दो कारतूस, लूट की रकम व बाइक मिली।


ये हुए थे नामजद
कुंवर सिंह की हत्या में गांव सहसुवाला निवासी विक्रांत के पिता करतार व चाचा महकार, प्रशांत, मामा गांव स्वाहेड़ी निवासी सुनील, उनके बेटे दीपेंद्र के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। मृतक कुंवर सिंह के परिजन इन लोगों की गिरफ्तारी की मांग कर रहे थे। नामजद आरोपी अपने को बेकसूर बता रहे थे।

शूटर ने खुद बताया हत्या का राज
हत्या का खुलासा करने पर कुंवर सिंह के परिजन एसपी कार्यालय पर पहुंचे और इसे गलत बताते हुए हंगामा किया। कहा कि कोहर सिंह ने नहीं बल्कि नामजद आरोपियों ने यह हत्या की है। उस वक्त तो पुलिस ने कुंवर सिंह के परिजनों को वहां से भेज दिया। बाद में उन्हें पुलिस लाइन बुलाया और कोहर सिंह से उनकी बात कराई। कोहर सिंह ने उन्हें बताया कि किस तरह उसने कुंवर सिंह की हत्या की थी। तब परिजन संतुष्ट हुए और वहां से चले गए।
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पुलिस ने ढूंढे 40 मोबाइल
एसपी संजीव त्यागी ने बताया कि जिले में 40 लोगों के मोबाइल गायब हो गए थे। यह मोबाइल पुलिस ने ढूंढ लिए और उनके स्वामियों को बुलाकर उन्हें सौंप दिए गए हैं।
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