बिजनौर। अपर सत्र न्यायाधीश एवं विशेष न्यायाधीश फास्ट ट्रैक कोर्ट कमलदीप ने दहेज के लिए पत्नी की हत्या करने में शमीम अहमद को दोषी पाया है। जिसे आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही दस हजार रुपये के अर्थदंड भी दंडित किया।
सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता मुकुल चौहान ने बताया कि थाना नजीबाबाद में मोहम्मद नासिर ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसमें कहा कि उसने अपनी बेटी नसरीन की शादी सात साल पहले मुस्लिम रीति रिवाज के अनुसार शमीम अहमद पुत्र अजीमुल्ला मोहल्ला सानियान कस्बा साहनपुर के साथ की थी। शादी के कुछ दिन बाद से ही शमीम ने नसरीन से मोटरसाइकिल और 50 हजार नकद की डिमांड शुरू कर दी। साथ ही कम दहेज लाने को लेकर ताने देने शुरू कर दिए। दहेज की मांग पूरी नहीं होने पर शमीम अक्सर उसकी नसरीन के साथ मारपीट करने लगा। 7 जून 2019 को पता लगा कि उसकी बेटी नसरीन की हत्या कर दी गई है और गले पर निशान हैं, जो कि सामान्य मौत नहीं है। पोस्टमार्टम में गला घोंटकर हत्या किया जाना सामने आया। पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज करने के बाद आरोपी को गिरफ्तार करते हुए जेल भेज दिया था। साथ ही आरोपी के खिलाफ आरोप पत्र अदालत में दाखिल किया। अब अदालत ने उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर शमीम अहमद को दोषी पाते हुए सजा सुनाई है।