फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

बिखरती चली गई घटिया सामग्री से बने नाले की दीवार

विज्ञापन
बिजनौर-नजीबाबाद मार्ग पर ग्राम आदमपुर पास नाले में लगाई जा रही घटिया सामग्री। - फोटो : BIJNOR
विज्ञापन
बिजनौर। इसे भ्रष्टाचार का नाला कहें या कुछ लेकिन, ईंट पर ईंट मारते ही नाले की दीवार दरकती चली गई। आखिरकार अधिकारियों ने घटिया ईंटों से बनाई गई नाले की दीवार को उखड़वा दिया। नाला निर्माण में दोयम दर्जे की ईंट का इस्तेमाल किया गया था। सीमेंट की मात्रा कम और रेत अधिक इस्तेमाल किया गया। मामले में दो दिन पहले ठेकेदार को नोटिस जारी किया गया था।
विज्ञापन

जिला पंचायत की ओर से नजीबाबाद मार्ग पर आदोपुर के पास 220 मीटर लंबे नाले का निर्माण करीब 13 लाख रुपये की लागत से कराया जा रहा है। शनिवार को जिला पंचायत के जेई कपिल कुमार और एक अन्य इंजीनियर मौके पर पहुंच गए। जिन्होंने मौके पर पाया कि नाले की दीवार में दोयम दर्जे की ईंट का इस्तेमाल किया गया है। दोनों इंजीनियरों ने तुरंत ही नाला की दीवार को उखाड़ने के निर्देश दिए। मजदूरों ने एक ईंट हाथ में लेकर नाले की दीवार पर मारनी शुरु कर दी। जिससे एक एक सभी ईंट बिखरती चली गई। जिसे देख दोनों इंजीनियर भी हैरत में पड़ गए। नाले में ईंट ही घटिया क्वालिटी की नहीं मिली बल्कि सीमेंट भी नाम मात्र का ही लगा हुआ था। इसमें रेत की मात्रा अधिक थी, यही वजह रही कि नाले में लगाई गई ईंट यूं ही बिखरती चली गई।
बता दें कि दो दिन पहले इस ठेकेदार को नोटिस जारी किया गया था। जिसमें नाला निर्माण में मानक के अ नुरुप सामग्री नहीं लगाने की बात कहते हुए फिर से निर्माण कराने की बात कही गई। इसके बाद भी ठेकेदार ने घटिया निर्माण को नहीं तुड़वाया। हालांकि नोटिस मिलने के बाद आगे जो निर्माण हुआ उसमें ईंट की गुणवत्ता सुधार ली गई।
विज्ञापन

दो दिन पहले दिया था नोटिस, मानक का हो रहा था उल्लंघन : जेई
जेई कपिल कुमार ने बताया कि ठेकेदार को दो दिन पहले नोटिस जारी किया गया था। मानक के अनुरूप निर्माण सामग्री नहीं लगी होने के कारण नाले की दीवार को तुड़वाया गया है, जिसे अब दोबारा बनाया जा रहा है।
झालू में भी नाला निर्माण में मिली थी गड़बड़ी
जिस तरह से जिला पंचायत के नाला निर्माण में भ्रष्टाचार किया गया, ठीक उसी तरह से झालू में भी नाला निर्माण में गड़बड़ी मिली थी। उस वक्त सदर एसडीएम ने झालू नगर पंचायत की ओर से कराए गए नाले की ईंट से ईंट बजा दी थी। जांच में दोयम दर्जे की ईंट के इस्तेमाल होना पाया गया था। अब जिला पंचायत के नाले में भी दोयम दर्जे की ईंट कम सीमेंट वाली सामग्री से चिपका दी गई थी।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें