कोरोना का कहर: परिषदीय स्कूलों की परीक्षाएं स्थगित
बिजनौर। परिषदीय स्कूलों में कोरोना वायरस के संक्रमण को देखते हुए स्कूलों की वार्षिक परीक्षाएं भी स्थगित कर दी गई हैं। एक अप्रैल से शुरू होने वाले नए शिक्षा सत्र पर भी संकट के बादल मंडरा रहे हैं। शासन ने स्कूलों को दो अप्रैल तक बंद करने के निर्देश दिए हैं। वार्षिक परीक्षा कब होंगी, इस पर अभी कोई दिशा निर्देश नहीं दिए गए हैं।
परिषदीय प्राथमिक व उच्च प्राथमिक विद्यालयों में अभी तक वार्षिक परीक्षाएं नहीं हुई हैं। शासन ने 16 मार्च से इन स्कूलों में वार्षिक परीक्षा कराने का कार्यक्रम घोषित किया था, लेकिन कोरोना वायरस के चलते परीक्षा स्थगित कर दी गई हैं। जिले में इन स्कूलों में करीब एक लाख 75 हजार छात्र-छात्राएं पंजीकृत हैं। 30 मार्च को वार्षिक परीक्षाओं का परीक्षाफल घोषित होता है। इसके बाद एक अप्रैल से नए शिक्षा सत्र का शुभारंभ होता है, लेकिन इस बार वार्षिक परीक्षाएं नहीं होने के कारण नए शिक्षा सत्र पर भी संकट के बादल हैं। अप्रैल के स्कूल चलो अभियान के कार्यक्रम भी घोषित नहीं हुए। अब शासन ने दो अप्रैल तक के लिए स्कूल बंद करने के निर्देश जारी कर दिए हैं। ऐसे में परिषदीय स्कूलों में नए शिक्षा सत्र के लिए कोई दिशा निर्देश नहीं दिए गए हैं। अवकाश होने पर शिक्षक स्कूलों की रंगाई पुताई जरूर करा रहे हैं। शिक्षा विभाग के अफसर इस पर भी नजर रखे हुए हैं कि कहीं कोई स्कूल तो नहीं खुला है। किसी क्षेत्र में स्कूल खुला पाया गया तो उस क्षेत्र के खंड शिक्षा अधिकारी जिम्मेदार होंगे।
निष्ठा प्रशिक्षण भी हुए स्थगित
परिषदीय स्कूलों शिक्षा का स्तर सुधारने के लिए आयोजित हो रहे निष्ठा प्रशिक्षण पर भी शासन ने रोक लगा दी है। जिले के बीआरसी केंद्रों पर चल रहे निष्ठा प्रशिक्षण बंद कर दिए गए हैं। बीआरसी पर एक बैच में 150 शिक्षकों को निष्ठा का प्रशिक्षण दिया जा रहा था।
शासन के आदेश का होगा पालन
बीएसए महेश चंद्र के मुताबिक परिषदीय स्कूलों की वार्षिक परीक्षाओं को कराने के लिए शासन से जो भी दिशा निर्देश होंगे उसका पालन कराया जाएगा। कोरोना संक्रमण से बचाव के चलते ही वार्षिक परीक्षाएं स्थगित की गई हैं। निष्ठा प्रशिक्षण पर भी शासन के निर्देश पर रोक लगाई गई है।