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धैर्य और आत्मविश्वास से जीती कोरोना से जंग

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नजीबाबाद - निशिथ ऐरन। - फोटो : NAZIBABAD
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धैर्य और आत्मविश्वास से निशिथ ऐरन ने जीती कोरोना से जंग
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नजीबाबाद। कोरोना संक्रमण काल में श्रीराम सेवा ट्रस्ट के माध्यम से हजारों लोगों की भूख मिटाने के लिए भोजन और राशन देने वाले निशिथ ऐरन स्वयं कोरोना के शिकार हो गए। उनका कहना है कि धैर्य और आत्मविश्वास से ही कोरोना को हराया जा सकता है।
श्रीराम सेवा ट्रस्ट के अध्यक्ष निशिथ ऐरन इसी सप्ताह कोरोना संक्रमण से उबरे हैं। कोरोना संक्रमण काल में ट्रस्ट के उपाध्यक्ष सुधीर अग्रवाल, सचिव सुभाष राजपूत, गौरव बजाज, शांतनु नारंग और साथियों के साथ लॉकडाउन में असंख्य श्रमिकों को भोजन और जरूरतमंदों को राशन वितरित किया। समाजसेवी निशिथ ऐरन तीन अप्रैल को कोरोना संक्रमित आने के बाद परिवार में ही एकांतवास में चले गए। निशिथ कहते हैं कि कोरोना से जंग जीतने के लिए धैर्य और आत्मविश्वास रखने के साथ इच्छाओं पर काबू पाने की जरूरत होती है। परिजनों, मित्रों और परिचितों से मिलने वाली साहनुभूति और अपनत्व कोरोना से उभरने में मदद करता है। कोरोना संक्रमण इंसान को झकझोर देता है। स्वाद और सूंघने की क्षमता छीन लेता है, जिंदगी को नीरस बना देता है। तीन अप्रैल को पॉजिटिव आने के बाद इसी सप्ताह कोरोना की जंग जीतकर अपने आप को पुन: परिवार और समाज के बीच पाकर निशिथ खुश हैं।
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निशिथ कहते हैं कि संक्रमण काल में सरकारी चिकित्सक डॉ. गौरव गुप्ता ने उन्हें चिकित्सीय परामर्श दिया। माता दीपा ऐरन, भाई यदु ऐरन, भाभी ऋचा ऐरन और भतीजे तनुष और गौरांश ने उनका मनोबल ऊंचा रखा। मित्रों ने कोरोना से जंग जीतने में हौसला बढ़ाया। निशिथ कहते हैं कि कोरोना के दौरान हलका भोजन, गर्म पानी का सेवन और सरकारी चिकित्सकों की गाइड लाइन के अनुसार यदि संक्रमित चले तो जल्द ही वह स्वस्थ हो सकता है। कोरोना संक्रमण होने पर घबराना नहीं चाहिए बल्कि हौसले के साथ अपने आप को संक्रमण से बचाने के साथ परिवार को बचाने के लिए कोशिशें जारी रखनी चाहिए।
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