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ग्राउंड रिपोर्ट : यूपी के इस गांव पर भारी गुजरे 45 दिन, 35 से अधिक की जा चुकी है जान 

Sat, 22 May 2021 08:14 PM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बिजनौर
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- फोटो : amar ujala
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पश्चिमी यूपी में कोरोना के साथ साथ जानलेवा बुखार ने इस कदर पांव पसारे है मेरठ समेत आस पास के जिलों में ग्रामीण क्षेत्रों में सैकड़ों की संख्या में मौत हो चुकी है। ग्रामीणों के पास न तो स्वास्थ्य सुविधाए हैं और न ही जांच के उचित संसाधन। आलम यह है कि लगातार मौत हो रही है। बिजनौर जिले के गोहवार में 45 दिन के भीतर 35 लोगों की मौत हो चुकी है। अमर उजाला की ग्राउंड रिपोर्ट में पढ़ें आखिर कैसे बेहतर इलाज के इंतजार में जान गंवा रहे हैं ग्रामीण  :-

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कोरोनाकाल में जहां कोराना कहर बरपा रहा था, वहीं दूसरी ओर मामूली बीमारी भी भयंकर रूप ले चुकी थी। बात गोहावर की करें तो यहां पिछले 45 दिन बहुत भारी गुजरे। एक या दो नहीं, बल्कि 35 से अधिक लोगों ने अपनी जान गवां दी।

हालात यह है कि अब भी कई लोग बीमार हैं और बेहतर इलाज का इंतजार कर रहे हैं। यहां के ग्रामीण स्थायी कैंप लगाकर मरीजों की जांच करने और इलाज कराने की मांग कर रहे हैं। यहां मरने वालों में वृद्धों के साथ कई युवा भी शामिल हैं।

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गोहावर कस्बा दो ग्राम पंचायत गोहावर हल्लू और गोहावर जैत को मिलाकर बना है। यहां की आबादी करीब 13 हजार है। ग्रामवासियों के अनुसार अप्रैल से गांव में बीमारी ने पैर पसारे और करीब डेढ़ माह में 35 से अधिक लोग काल का ग्रास बन गए। दोनों ग्राम पंचायतों में मरने वालों में अधिकांश को बुखार के बाद सांस लेने में परेशानी हुई थी। इतनी संख्या में ग्रामवासियों के मरने के बाद भी स्वास्थ्य विभाग द्वारा कोई कारगर उपाय नहीं हुए हैं।

हालांकि कुछ दिन पहले स्वास्थ्य विभाग ने प्रभारी चिकित्साधिकारी अजय धर्मेश गंधर्व के नेतृत्व में गांव में कैंप लगाकर कोरोना के साथ अन्य बीमारियों की जांच की थी। इसके अलावा आशा एवं आंगनबाड़ी कार्यकर्ता घर-घर सर्वे कर थर्मल स्क्रीनिंग कर बीमार व्यक्तियों को अस्पताल जाने की सलाह दे रही हैं, लेकिन ग्रामीण इससे संतुष्ट नहीं हैं। ग्रामवासियों ने गांव में विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा स्थायी कैंप लगाकर बीमारों का इलाज कराने व गांव की सफाई व्यवस्था दुरुस्त कराने की मांग की है।

ग्राम पंचायत गोहावर जैत में आबिद हुसैन(54), शकुंतला देवी(86), पूरन सिंह(48), राखी देवी (37), दिनेश(54), निरुपमा चौहान (57), पूनम देवी(54), शाहिद हुसैन (54), शंकरलाल (65), रजत कुमार (26), जयमाला (65), पवन कुमार(55), रामवती(72), दीपक(17), असगरी(85), फैसल(20), असगरी(60) व संजोता देवी (55) के अलावा ग्राम पंचायत गोहावर हल्लू में महेंद्र (58), अमर सिंह (35), सुरेश देवी(50), समन्ता(55), कृपाल(65), अनीता गुप्ता(58), ऊषा देवी(65), खुर्शीद अहमद(38), योगेश(55) और रामवती(65) बीमारी के चलते अपनी जान गंवा चुके हैं।

अभी कई हैं बीमार
गोहारवर में मौत की रफ्तार भले ही धीमी हो, लेकिन बीमारों की संख्या अभी बहुत है। रवि, आकिब, हुमैरा, नईमा, प्रवेंद्र, चंचल, अनीता, कौशल, अर्चना, भुवनेश्वरी, लव कुमार, संतोष, आकांक्षा सहित बड़ी संख्या में ग्रामवासी बुखार व खांसी से पीड़ित है।
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सात हजार की आबादी पर केवल दो सफाईकर्मी
गोहावर जैत की नव निर्वाचित ग्राम प्रधान मुन्नी देवी का कहना है कि वह गांव में दो बार अपने खर्च पर सैनिटाइजर का छिड़काव करा चुकी हैं। इसके अलावा निजी खर्च पर मजदूर लगाकर सफाई भी कराई है।

उनका कहना है कि गांव की आबादी सात हजार होने के बाद भी केवल दो सफाई कर्मचारी नियुक्त हैं, जिससे सफाई व्यवस्था दुरुस्त रखने में परेशानी होती है। उन्होंने दी अतिरिक्त कर्मचारियों की नियुक्ति गांव में किए जाने की मांग की है।

स्वास्थ्य केंद्र पर हो चिकित्सक की तैनाती: परम सिंह
गोहावर हल्लू के नवनिर्वाचित ग्राम प्रधान परम सिंह भी दो बार गांव को सैनिटाइज करा चुके हैं। उनका कहना है कि गांव के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर कोई चिकित्सक तैनात नहीं है। गांव में एक चिकित्सक की तैनाती होनी चाहिए।
 
हम स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं
गोहावर में दो बार कैंप लगाकर स्वास्थ्य परीक्षण कराया जा चुका है। आशा घर-घर जाकर बीमारों का सर्वे कर रही हैं। वह खुद भी स्थिति पर नियमित नजर रखे हुए हैं।
- डॉ. अजय धर्मेश गंधर्व, प्रभारी चिकित्साधिकारी नूरपुर

रास्तों में लगे गंदगी के अंबार, कैसे रुके बीमारियां: सचिन प्रताप
गोहावर निवासी सचिन प्रताप का कहना है कि गांव के मुख्य रास्तों पर गंदगी के अंबार लगे हैं और इसी से बीमारी फैल रही है। रास्तों व नालियों की नियमित सफाई होनी चाहिए।

प्रति सप्ताह होनी चाहिए फॉगिंग
सोनू रस्तोगी का कहना है कि गांव में सैनिटाइजर का छिड़काव तो हुआ है, लेकिन फॉगिंग नहीं कराई गई। मच्छरों के कारण हालत बेहद खराब है। गांव में प्रति सप्ताह फॉगिंग होनी चाहिए।
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