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कार्बेट नेशनल पार्क जनता के लिए बना सफेद हाथी, आवागमन पूरी तरह से बंद

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कार्बेट नेशनल पार्क जनता के लिए बना सफेद हाथी
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कालागढ़(बिजनौर)। कार्बेट नेशनल पार्क व रामगंगा बांध का भ्रमण आम जनता के लिए सफेद हाथी बन गया है। दोनो ही स्थानों पर कालागढ़ से आवागमन पूरी तरह से बंद कर दिया गया है। बांध व कार्बेट के अधिकारियों ने सुरक्षा कारणों का हवाला देकर यहां के नागरिकों को इन स्थानों के दर्शन से महरूम कर दिया है।
देश विदेश के पर्यटक कार्बेट नेशनल पार्क में आते हैं। बिजनौर के अलावा मुजफ्फरनगर, मेरठ आसपास के लोग कार्बेट नेशनल पार्क के पर्यटन जोन कालागढ़ की तरफ जाते हैं, लेकिन कालागढ़ से कार्बेट नेशनल पार्क के वनों में आवागमन बंद हो गया है। इससे यहां के नागरिक व क्षेत्रीय जनता प्राकृतिक नजारों का दीदार नहीं कर पा रही है। उधर, रामगंगा बांध पर मुख्य बांध व सैडिल बांध पर भी भ्रमण की अनुमति बांध प्रशासन ने बंद कर दी है।
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कांग्रेस के नगर अध्यक्ष आकाशदीप शर्मा, संतोष सैनी और आशीष चौधरी का कहना है कि कालागढ़ के लोगों के बारे में प्रशासन भली प्रकार जानता है। कालागढ़ की जनता के कारण ही कार्बेट नेशनल पार्क व बांध की सुरक्षा मजबूत रही है। जनता के बीच कोई भी बाहरी व्यक्ति आसानी से पहचाना जा सकता है। अब जनता को ही इन स्थानों से दूर कर दिया गया है। जिससे यहां की जनता नैसर्गिक नजारों व बांध के तकनीकी ज्ञान से वंचित हो रही है। कालागढ़ से रामगंगा बांध, सैडिल बांध व कार्बेट नेशनल पार्क के झिरना पर्यटन जोन के प्रवेशद्वार को खोला जाए। सुरक्षा नियमों के तहत ही आवागमन की अनुमति पूर्व के समान ही दी जाए।
- उच्चाधिकारियों के आदेश पर बंद है आवागमन
कार्बेट टाइगर रिजर्व के कालागढ़ जोन के उप प्रभागीय वनाधिकारी आरके तिवारी का कहना है कि उच्च अधिकारियों के आदेशों पर सुरक्षा कारणों से यहां से पर्यटन व कालागढ़ रामनगर व कालागढ़ कोटद्वार मार्ग पर आवागमन बंद है। रामगंगा बांध के सुरक्षा विभाग के अधिशासी अभियंता शेर सिंह का कहना है कि बांध सुरक्षा को लेकर पुलिस व विभाग के उच्चस्तरीय आदेशों पर बाहरी व्यक्तियों व उनके वाहनों को प्रवेश की अनुमति नहीं दी जा रही है।
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- सुरक्षा अधिकारी की नियुक्ति को भेजे पत्र
रामगंगा बांध पर भ्रमण की अनुमति देने का अधिकार सुरक्षा विभाग को है। सुरक्षा व्यवस्था उत्तर प्रदेश पुलिस देख रही थी। 2015 से मुरादाबाद के अभिसूचना विभाग ने यहां से अपनी सुरक्षा हटा ली। सहायक अभियंता किशोर कुमार का कहना है कि पुलिस से बार बार मांग की जा रही है कि यहां सुरक्षा अधिकारी की नियुक्ति की जाए। जिससे बांध सुरक्षा से विभाग को निजात मिले और समस्याओं का समाधान हो सके, लेकिन लिखे गए पत्रो का जवाब नहीं मिल रहा है।
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