कलक्ट्रेट में आरसीईपी समझौते की प्रतियां फूंकीं
बिजनौर। राष्ट्रीय किसान मजदूर संगठन के बैनर तले किसानों ने कलक्ट्रेट में आरसीईपी (रीजनल कंप्रेहेंसिव इकनॉमिक पार्टनरशिप) के विरोध में कलक्ट्रेट में धरना-प्रदर्शन किया। प्रदर्शन को अखिल भारतीय किसान मजदूर सभा ने भी समर्थन दिया।
किसान गन्ना समिति पर एकत्र हुए और प्रदर्शन करते हुए कलक्ट्रेट पहुंचे। अखिल भारतीय किसान मजदूर सभा के कार्यकर्ता भी किसानों के धरने में शामिल हुए। वक्ताओं ने कहा कि गन्ने का भुगतान समय से न होने पर किसान दूध बेचकर खर्च चलाते हैं। इस पर आज तक कोई स्थायी नीति नहीं बनाई गई है। ऐसे में अगर आरसीईपी समझौते के तहत देश में विदेश से दूध आने लगा तो किसानों व मजदूरों की हालत बद से बदतर हो जाएगी। किसानों ने कलक्ट्रेट में आरसीईपी की प्रतियां जलाईं। केंद्र सरकार से इस समझौते से दुग्ध व्यवसाय को अलग करने, चीनी मिलों को जल्दी चलाने, बकाया गन्ना भुगतान ब्याज सहित कराने की मांग की। प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन एसडीएम बृजेश कुमार को सौंपा गया। इस दौरान कैलाश लांबा, विनोद कुमार, नरेंद्र सिंह, वेदपाल, राजपाल भगत, शमशाद हुसैन, हमीदा, मोहम्मद मोहसिन आदि मौजूद रहे।