पहले दिन ही रिकवरी बढ़ने से बांछें खिलीं
बिजनौर। जिले में पेराई सत्र शुरू हो गया है। बिलाई चीनी मिल की पहले दिन की रिकवरी 10.20 प्रतिशत रही है। पिछले साल मिल की रिकवरी 10.05 प्रतिशत थी। पहले दिन का आगाज ही बढ़ी रिकवरी होने से मिल के अफसरों की बांछें खिली हैं। रिकवरी अभी और बढ़ना तय माना जा रहा है।
जिले में चीनी मिलों के चक्के घूमने शुरू हो गए हैं। जिले में सबसे पहले बिलाई चीनी मिल ने पेराई शुरू की है। बिलाई चीनी मिल की पहले दिन की रिकवरी 10.20 प्रतिशत आई है। पिछले साल मिल की पहले दिन की रिकवरी 10.05 प्रतिशत रही थी। इस बार प्रति क्विंटल गन्ने पर 150 ग्राम चीनी अधिक बन रही है। चीनी अधिक बनने से मिल अधिकारियों की भी बांछें खिली हुई हैं। पिछले साल बिलाई मिल की औसत रिकवरी 12.28 प्रतिशत थी। इस साल 96 प्रतिशत से भी अधिक गन्ने रकबे में अर्ली प्रजाति का गन्ना खड़ा है। इस साल रिकवरी पिछले साल से भी अधिक निकलने की बात कही जा रही है।
सुक्रोज से बनती है चीनी
गन्ने में दो तत्व होते हैं ग्लूकोज और सुक्रोज। ग्लूकोज पौधे की फसल की खुराक होती है। जब तक गन्ना बढ़ता है तब तक ग्लूकोज अधिक बनता है। जब गन्ने की फसल पूरी बढ़ जाती है तो उसमें सुक्रोज बनना शुरू होता है। सुक्रोज से ही चीनी बनती है।
22 डिग्री का तापमान फायदेमंद
गन्ने के लिए सर्दियों में अधिकतम 22 डिग्री सेल्सियस तापमान, रात को अधिक सर्दी बहुत फायदेमंद होती है। ऐसे मौसम में गन्ने में सुक्रोज अधिक बनता है। वर्तमान में जिले का तापमान 29 डिग्री तक है। कुछ दिनों में तापमान और कम हो जाएगा। तब रिकवरी बढ़ जाएगी।
पिछले साल की औसत रिकवरी
चीनी मिल रिकवरी
धामपुर 10.88
स्योहारा 11.83
बिलाई 12.28
बहादरपुर 12.17
नजीबाबाद 12.30
बरकातपुर 12.32
बुंदकी 12.38
चांदपुर 11.46
बिजनौर 11.68
नोट:आंकड़े चीनी मिलों से लिए गए हैं।
ठंडे मौसम से होगा फायदा
बिलाई चीनी मिल के गन्ना महाप्रबंधक परोपकार सिंह के अनुसार मिल की पहले दिन की रिकवरी थोड़ी बड़ी हुई है। मौसम ठंडा होने पर रिकवरी और बढ़ेगी।