- डीएम बिजनौर ने किसानों की शिकायत पर जांच रिपोर्ट भेजी थी चकबंदी निदेशालय
- वर्तमान में मुजफरनगर जिले में तैनात है विजय कुमार
संवाद न्यूज एजेंसी
बिजनौर। भारतीय किसान यूनियन अराजनैतिक के युवा प्रदेशाध्यक्ष चौधरी दिगंबर सिंह की ओर से लगाए गए भ्रष्टाचार के आरोप में पूर्व चकबंदी बंदोबस्त अधिकारी विजय कुमार को निलंबित कर दिया गया है। विजय कुमार वर्तमान में मुजफ्फरनगर जनपद में तैनात है। किसानों के आंदोलन पर डीएम बिजनौर ने पूर्व बंदोबस्त अधिकारी की शिकायत चकबंदी आयुक्त से की थी।
गौरतलब है कि भाकियू अराजनैतिक के प्रदेशाध्यक्ष चौधरी दिगंबर सिंह और जिलाध्यक्ष नितिन कुमार सिरोही के नेतृत्व में 13 मार्च 2024 को कलक्ट्रेट में किसान आंदोलन हुआ था। जिलाधिकारी अंकित कुमार अग्रवाल ने चकबंदी आयुक्त से वार्ता कर सख्त कार्यवाही की बात कही थी। संगठन के पदाधिकारी और किसान कार्रवाई की जिद पर डटे रहे थे।
आंदोलित किसान शाम को रिक्शा पर माइक रखकर शहर में चकबंदी अधिकारियों का पेट भरने के लिए भीख मांगने निकल पड़े थे। देर शाम डीएम ने संगठन के कार्यकर्ताओं से दोबारा वार्ता की, जिसमें सहमति बनी थी।
दिगंबर सिंह ने बताया कि हल्दौर, भागूवाला, छाछरी, फरीदपुर, बढ़ापुर, सहानपुर आदि के कई किसानों ने शपथ पत्र के साथ पूर्व चकबंदी बंदोबस्त अधिकारी के खिलाफ जिला अधिकारी को शपथ पत्र सौंप कर शिकायत की थी।
कमल सिंह, रहमतुल्ला, चुन्नू सिंह, राकेश कुमार, रामपाल सिंह, रविंद्र कुमार, बिजेंद्र सिंह, धर्म सिंह, महजबी शराफत आदि ने तथ्यों के शपथ पत्र दिए थे। अपर जिलाधिकारी न्यायिक से जांच कराई गई थी।
चकबंदी आयुक्त ने भी की थी जांच
जिलाधिकारी अंकित कुमार अग्रवाल ने अपर जिलाधिकारी न्यायिक से कराई जांच रिपोर्ट चकबंदी आयुक्त लखनऊ को भेजी थी। जांच रिपोर्ट पर संज्ञान लेते हुए चकबंदी आयुक्त जीएस नवीन ने विभागीय जांच कराई थी। मुख्य शिकायत कर्ताओं से 29 अगस्त को जांच कमेटी के सामने युवा विंग के प्रदेश अध्यक्ष चौधरी दिगंबर सिंह पेश हुए। समस्त दस्तावेजों की गहनता पूर्वक जांच करने के बाद 6 सितंबर को पुनः लखनऊ सचिवालय में चकबंदी आयुक्त जीएस नवीन से मुलाकात कर कार्रवाई की मांग की गई थी। उन्होंने बताया कि इस जांच रिपोर्ट पर कार्रवाई हुई है।