काटे जाएंगे वाहन धुलाई केंद्रों के कनेक्श
बिजनौर। नगर पालिका का पीने योग्य पानी अब बर्बाद नहीं होगा। वाहन धुलाई केंद्रों को कनेक्शन देने के खिलाफ पालिकाओं में प्रस्ताव लाया जाएगा। नगरपालिका की पाइप लाइन से इन लोगों को कामर्शियल कनेक्शन नहीं दिए जाएंगे। साथ ही जो पुराने कनेक्शन हैं उन्हें भी खत्म किया जाएगा।
नगर पालिकाओं में वाहनों को धोने के लिए वाहन धुलाई केंद्र बने हैं। अधिकतर वाहन धुलाई केंद्रों का कनेक्शन नगर पालिकाओं की पाइपलाइन से ही होता है। इसका पूरे साल का पालिका चार्ज केवल 900 रुपये ही लेती है। यानि 900 रुपये में साल भर पीने योग्यपानी की बर्बादी का लाइसेंस मिल जाता है। नगर पालिका के ट्यूबवेल 250 से 300 फीट गहरे तक होते हैं। ये कुएं जमीन के अंदर से जो पानी खींचते हैं वह बहुत ही शुद्ध होता है। लेकिन इस पानी को वाहन धोने में बर्बाद कर दिया जाता है। खास बात यह है कि इन वाहन धुलाई केंद्रों का पानी जमीन की गोद में डालने के लिए यहां पर रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम भी नहीं बने होते हैं। यहां बर्बाद किया जाने वाला पानी नालों में ही बहा दिया जाता है। लेकिन अब इसके खिलाफ प्रशासन सख्त निर्णय लेगा। एसडीएम बृजेश कुमार ने बताया कि बिजनौर नगर पालिका में वाहन धुलाई केंद्र को कनेक्शन देने पर रोक लगाने का प्रस्ताव लाया जाएगा। इसके अलावा जो कनेक्शन पहले से ही चल रहे हैं उन्हें भी काटा जाएगा। बाकी नगर पालिकाएं भी इसका अनुसरण करते हुए अपने यहां से पेयजल पाइपलाइन से जुडे़ वाहन धुलाई केंद्रों के कनेक्शन को खत्म कर सकती हैं। इससे हर रोज लाखों लीटर पानी बच सकता है।
होगी कार्रवाई : एसडीएम
एसडीएम बृजेश कुमार का कहना है कि पीने के पानी को बर्बाद नहीं होने दिया जाएगा। नगर पालिकाओं को पानी को वाहन धोने पर इस्तेमाल न होने देने के संबंध में निर्देश दिए जा रहे हैं। जहां भी पानी की बर्बादी होती मिली वहां पर तुरंत कार्रवाई की जाएगी।