बिजनौर के एडीजे संदीप जैन ने कार एक्सीडेंट से हुई मौत के मामले में नूरपुर पीएचसी के स्वास्थ्य कार्यकर्ता के परिजनों को 64 लाख 16 हजार 360 रुपये की मुआवजा राशि देने का आदेश यूनाइटेड इंडिया इंश्योरेंस कंपनी को दिया है।
यह अब तक जनपद में किसी भी एक्सीडेंट में मिलने वाली सर्वाधिक मुआवजा राशि है।
नूरपुर की पीएचसी में बहु उद्देश्य स्वास्थ्य कार्यकर्ता के पद पर तैनात ग्राम ढेला अहीर निवासी संजीव कुमार 23 नवंबर 2015 को अपने सरकारी आवास से अस्पताल स्कूटर से जा रहा था। रात करीब साढ़े 11 बजे चांदपुर की ओर से एक कार ने स्कूटर में टक्कर मार दी थी। इससे संजीव कुमार गंभीर रूप से घायल हो गया था।
इसे तुरंत नूरपुर अस्पताल उपचार के लिए लाया गया, जहां उसकी मौत हो गई। पुलिस विवेचना में पता चला कि दुर्घटना के समय कार को ग्राम रोनियां निवासी सुमेर सिंह चला रहा था। यह कार नरेला दिल्ली निवासी शाकिर के नाम पंजीकृत थी।
दुर्घटना के बाद संजीव की पत्नी वैजंती माला ने छह वर्षीय पुत्री कनिष्का, दो वर्षीय पुत्र आदित्य कुमार और सास मुन्नी देवी की ओर से जिला जज के यहां वाद दायर कर 99 लाख रुपये की मुआवजा राशि मांगी गई थी।
कार चालक द्वारा अदालत में कहा गया था कि दुर्घटना उसकी कार से नहीं हुई थी। वह दुर्घटना के बाद वहां से गुजर रहा था, इसलिए उसकी कार का नंबर नोट कर उसके खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। वाहन स्वामी का कहना था कि उसकी कार बीमाशुदा है और चालक पर वैध लाइसेंस है। इसलिए मुआवजा राशि की जिम्मेदारी बीमा कंपनी की बनती है।
कोर्ट ने निर्णय में कहा कि संजीव कुमार की कार एक्सीडेंट में मौत उसी कार से हुई है, जिसे सुमेर सिंह चला रहा है। दुर्घटना के समय चालक पर वैध लाइसेंस था और कार बीमाकृत थी। इसलिए मुआवजा राशि बीमा कंपनी अदा करेंगी।
कोर्ट ने अपने आदेश में लिखा है कि संजीव दुर्घटना के समय 32 वर्ष का था और उसका वेतन 29 हजार रुपये थी। इसलिए मुआवजा राशि 64 लाख 16 हजार 360 रुपये निर्धारित की जाती है।
इस मुआवजा राशि में से 42 लाख 16 हजार 360 रुपये की राशि उसकी पत्नी वैजंतीमाला को मिलेगी, क्योंकि वह अशिक्षित महिला है। 40 लाख रुपये की राशि किसी बैक एवं डाकघर की सावधि जमा योजना में उसके नाम से रखी जाएगी।
इससे मिलने वाले मासिक व्याज से वह अपना और परिवार को जीविकापार्जन करेंगी। इस राशि को बीस वर्ष तक हर पांच साल के बाद नवीनीकृत किया जाएगा। दोनों नाबालिग बच्चों कनिष्का एवं आदित्य को दस-दस लाख रुपये का मुआवजा मिलेगा। यह उनके बालिग होने तक किसी राष्ट्रीय कृत बैंक में जमा रहेगा।
कोर्ट ने संजीव की मां मुन्नी देवी को दो लाख रुपये मुआवजा राशि देने को कहा है। कोर्ट ने यह राशि एक माह में दिए जाने के आदेश दिए है।