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जमीन का मालिकाना हक दिलाने के लिए प्रदेश में बनाई गई कमेटी:बलदेव सिंह ओलख

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बिजनौर में प्रेस वार्ता करते राज्यमंत्री बलदेव सिंह ओलख। - फोटो : BIJNOR
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जमीन का मालिकाना हक दिलाने के लिए बनी कमेटी : बलदेव सिंह ओलख
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बिजनौर। राज्यमंत्री जलशक्ति विभाग बलदेव सिंह ओलख ने कहा कि बंटवारे के दौरान पाकिस्तान से विस्थापित होकर आए सिख व गैर सिख परिवारों को जमीन का मालिकाना हक दिलाने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने समिति का गठन किया है। समिति अनेक बिंदुओं पर अपनी जांच देगी।
शुक्रवार को प्रेस वार्ता में मंत्री बलदेव सिंह ओलख ने कहा कि पाकिस्तान से विस्थापित होकर आए परिवारों ने नवाबों की रियासत व राजाओं की जमीन पर दिन रात मेहनत करके जमीन को खेती लायक बनाया। लेकिन पिछली सरकारों ने इन किसानों की खून पसीने से तैयार हुई जमीन को जंगल व सीलिंग में दर्ज करके किसानों का उत्पीड़न किया। जहां किसानों के परिवार चार पीढ़ियों से रहे वहां स्कूल, सड़कें, नलकूप, बिजलीघर बने, किसान चीनी मिलों में शेयर होल्डर बने। अब उनकी जमीन के मालिकाना हक को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं। कहा कि कुछ अकाली प्रतिनिधि, सिख संगठनों ने यह मामला मुख्यमंत्री के सामने उठाया था। किसानों को जमीन का मालिकाना हक दिलाने को मुख्यमंत्री के निर्देश पर राजस्व विभाग की छह सदस्यीय समिति का गठन किया गया है जो तीन महीने में अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी। समिति में संबंधित जिले के मंडलायुक्त, मुख्य वन संरक्षक, उप गन्ना आयुक्त, जिला गन्ना अधिकारी आदि शामिल रहेंगे। देखा जाएगा कि जब किसान जमीन में खेती कर रहे थे, तो एकदम से जमीन वन में कैसे दर्ज करा दी गई।
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सुशांत सिंह ने चलाया अभियान
बढ़ापुर के विधायक सुशांत सिंह की बदौलत पाकिस्तान से आए सिख समाज के लोगों को जमीन का मालिकाना हक मिलेगा। सुशांत सिंह ने 206 विधायकों से हस्ताक्षर कराकर इस मामले में एक पत्र मुख्यमंत्री को सौंपा था। पिछले दिनों सीएम योगी आदित्यनाथ ने आला अफसरों व नेताओं की एक बैठक बुलाई थी। कहा था कि सिख समाज के लोगों को भूमि से बेदखल न किया जाए। इन लोगों को जमीन का मालिकाना हक कैसे मिले इसकी रिपोर्ट दी जाए। बढ़ापुर क्षेत्र के 21 गांवों में सिख समाज के लोग रहते हैं। सुशांत सिंह से पहले पूर्व विधायक इंद्रदेव सिंह ने भी यह मांग उठाई थी।
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