बिजनौर। जिला अस्पताल और मेडिकल कॉलेज के अधिकारियों के बीच अधिकारों के मामले आए दिन सामने आते रहते हैं। अब प्राचार्या से चाबी मांगने का प्रकरण चर्चा का विषय बना हुआ है। सीएमएस ने मेडिकल कॉलेज प्राचार्या को पत्र लिखकर आवास की चाबी मांग ली। साथ ही आवास प्रयोग करने या न करने की स्थिति स्पष्ट करने के लिए कहा।
जिला संयुक्त चिकित्सालय के मेडिकल कॉलेज में संबद्ध होने के बाद चल अचल संपत्ति मेडिकल कॉलेज की हो गई है। ऐसे में सीएमएस आवास का मामला तूल पकड़ रहा है। पूर्व सीएमएस डॉ. मनोज सेन का पदोन्नति के साथ स्थानांतरण अपर निदेशक के पद पर हो गया। इसके बाद डॉ. बीआर त्यागी को करीब डेढ़ माह पहले सीएमएस का कार्यभार मिला। डॉ. बीआर त्यागी अपने पुराने आवास में ही रह रहे हैं। अब प्राचार्या को भेजे पत्र में डॉ. त्यागी ने कहा कि सीएमएस आवास डॉ. अरुण कुमार पांडेय को आवंटित था। उसके सेवानिवृत्त होने के बाद किसी को आवास आवंटित नहीं हुआ। मनोज सेन पास में ही दूसरी जगह रहते थे। इस सीएमएस आवास में प्राचार्या बिना आवंटन के रह रही थी। उन्होंने पत्र भेजकर आवास की स्थिति स्पष्ट करने के लिए कहा है। इस संबंध में जानकारी के लिए प्राचार्या को फोन किया। लेकिन, उन्होंने कॉल का जवाब नहीं दिया।
प्राचार्या को सीएमएस आवास आवंटित नहीं है। पत्र लिखकर आवास की स्थिति के बारे में जानकारी ली गई है। अगर, आवास में नहीं रहती हैं तो चाबी हस्तगत करने के लिए कहा गया है।
....डॉ. बीआर त्यागी, सीएमएस, मेडिकल अस्पताल, बिजनौर