नजीबाबाद में एक दशक से बंद पड़ा नजीबाबाद का कंबल कारखाना फिर से शुरू होगा। खादी ग्रामोद्योग बोर्ड ने नजीबाबाद कंबल इकाई के लिए प्रबंधक सहित चार कर्मचारियों की तैनाती कर दी है। साथ ही शासन ने भवन की मौजूदा स्थिति पर भी रिपोर्ट मांगी है। अप्रैल 2019 तक बंद पड़ा कंबल कारखाना पुन: अस्तित्व में आ सकता है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने छह दिसंबर को लखनऊ में हुई एक बैठक में खादी ग्रामोद्योग विभाग की समीक्षा बैठक में बंद कंबल इकाईयों के जीर्णोद्धार की घोषणा की थी। नजीबाबाद का कंबल कारखाना भी पिछले करीब एक दशक से बंद पड़ा है। एक समय था जब यहां बने कंबल अपनी गुणवत्ता के लिए मशहूर थे। यहां दर्जनों बुनकर कंबल तैयार करते थे। पूरे देश में ये कंबल बेचे जाते थे, लेकिन धीरे धीरे लागत बढ़ने से ये कारोबार दम तोड़ता चला गया। यहां काम करने वाले मजदूर निकाल दिए गए और करीब एक दशक पहले कंबल फैक्ट्री पर ताला जड़ दिया गया। चुनाव में राजनीतिक दलों के नेताओं ने कंबल कारखाने को चलाने के वादे तो बहुत किए, लेकिन उन्हें पूरा नहीं किया। अब मुख्यमंत्री के आदेश के बाद खादी ग्रामोद्योग बोर्ड के प्रमुख सचिव ने कंबल कारखाने को पुनर्जीवित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। खादी ग्रामोद्योग बोर्ड ने नजीबाबाद कंबल इकाई के लिए प्रबंधक सहित चार कर्मचारियों की तैनाती कर दी है। भवन के जीर्णोद्धार के लिए लोक निर्माण विभाग को पुराने भवन का सर्वे कर तत्काल भवन की स्थिति की रिपोर्ट देने को कहा गया है। प्रबंधक राम कवांर ने बताया कि फिलहाल भवन की मरम्मत के साथ फर्नीचर उपलब्ध कराया जा रहा है। शासन के निर्देशानुसार अप्रैल 2019 तक नजीबाबाद में कंबल निर्माण कार्य फिर से शुरू कराने की योजना प्रस्तावित है।
मुजफ्फरनगर से आएंगी मशीनें
नजीबाबाद कंबल कारखाना यूनिट के लिए मुजफ्फरनगर से मशीनें मंगाई जा रहीं हैं। कंबल बनाने के लिए धागा आदि कच्चा माल पानीपत से मंगाया जाएगा। कंबल कारखाना शुरू होने से क्षेत्र के कई लोगों को रोजगार मिलेगा।
नया बनेगा गोदाम और गेस्ट हाऊस
खादी ग्रामोद्योग विभाग ने पुराने कंबल कारखाना जीर्णोद्धार में पुराने भवन की मरम्मत के साथ नया गोदाम, गेस्ट हाउस और एक कच्चा कंबल स्टोर बनाने की योजना है। फिलहाल विभाग कम बजट से यूनिट का जीर्णोद्धार कर जल्द से जल्द कंबल बनाने का काम करने की कवायद में जुटा है।
अनेक बुनकर हुए थे बेरोजगार
एक दशक पूर्व कंबल कारखाना यूनिट नजीबाबाद जिस समय आर्थिक संकटों के चलते बंद हुई थी। उस समय कंबल कारखाने में करीब पांच नियमित और 45 से 50 दैनिक वेतन भोगी कर्मचारी काम करते थे। इनमे अधिकांश बुनकर थे।
मशहूर था कंबलियों वाला मोहल्ला
नजीबाबाद के गीता भवन क्षेत्र में कंबल के लिए धागा बनाने का काम बड़ी संख्या में बुनकर किया करते थे। सड़क पर धागा बनाया जाता था। इस क्षेत्र की पहचान कंबलियों वाला मोहल्ला नाम से थी।