बिजनौर। मरीज एंटीबायोटिक दवा का सेवन मर्ज ठीक करने के लिए करते हैं लेकिन एंटीबायोटिक दवा ही जांच में मानकों पर खरी नहीं उतर रही हैं। जिले में लगातार दवाइयों के नमूने फेल आ रहे हैं। अब एंटीबायोटिक वीडीक्लेव इंजेक्शन का नमूना जांच में मानक पर खरा नहीं उतरा।
औषधि निरीक्षक ने बताया कि सितंबर माह में नजीबाबाद के एचएमएच हॉस्पिटल के परिसर में मेडिकल स्टोर से वीडीक्लेव इंजेक्शन का नमूना लिया था। इस इंजेक्शन में एमोक्सिसिलिन और पोटेशियम क्लावुलेनेट का मिश्रण है। इंजेक्शन को प्रोटैक टेलीलिंक, सिरमोर कंपनी ने बनाया था। जबकि वीडीवी फार्मास्यूटिकल्स प्राइवेट लिमिटेड, ग्रेटर नोएडा कंपनी ने बाजार में बेचा। इसी माह इसकी रिपोर्ट आई है। इंजेक्शन में एमोक्सिसिलिन मानक से ज्यादा और पोटेशियम क्लावुलेनेट मानक से कम पाया गया है। इसलिए, इस इंजेक्शन का सैंपल जांच में फेल निकला। इसका प्रयोग गले, फेफड़े, कान, नाक, मूत्र मार्ग और त्वचा के विभिन्न प्रकार के जीवाणु संक्रमणों के इलाज के लिए किया जाता है। ऐसे में बीमारी में यह सही से काम नहीं करेगा।