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बच्चों ने जिलाधिकारी को बनाया दोस्त

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बिजनौर कलक्ट्रेट में बच्चों से दोस्ती सप्ताह के तहत असहाय बच्चों के साथ डीएम रमाकांत पांडेय। - फोटो : BIJNOR
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बच्चों ने जिलाधिकारी को बनाया दोस्त
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बिजनौर। जिलाधिकारी रमाकांत पांडेय ने ‘बच्चों से दोस्ती सप्ताह के अवसर पर कहा कि अनाथ और असहाय बच्चों की जिला प्रशासन सुरक्षा और विकास के लिए हर संभव सहायता करेगा। बच्चों ने जिलाधिकारी की कलाई पर बच्चों से दोस्ती स्लोगन पट्टी बांधकर परंपरा निभाई।
जिलाधिकारी रमाकांत पांडेय ने कलक्ट्रेट सभागार स्थित अपने कार्यालय कक्ष में ‘बच्चों से दोस्ती‘ सप्ताह मनाने का उद्देश्य समझाया। उन्होंने कहा कि बच्चों को उनके अधिकारों की सुरक्षा के प्रति जागरूक करना है। जानकारी के अभाव में लाखों बच्चे सुरक्षा नेटवर्क से बाहर हैं और अभी भी बाल श्रम, ड्रॉप आउट, ट्रेफिकिंग, डेडलॉक और यौन शोषण के जाल में फंसे हुए हैं। अनाथ, असहाय तथा दिव्यांग बच्चों की सुरक्षा एवं विकास के लिए शासन द्वारा अनेक योजनाएं संचालित की जा रही हैं।
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डीएम ने समाज के प्रबुद्ध नागरिकों एवं स्वयं सेवी संस्थाओं से आह्वान किया कि ‘बच्चों से दोस्ती‘ सप्ताह कार्यक्रम के अंतर्गत समाज में बच्चों की सुरक्षा के प्रति जन जागरूकता अभियान, ऑनलाइन सुरक्षा, नशीली दवाओं तथा इंटरनेट का दुरुपयोग, बाल विवाह की रोकथाम, बाल शोषण, मानव तस्करी आदि के बारे में जागरूकता से संबंधित कार्यक्रमों का आयोजन करें। बच्चे ऐसे माहौल में बड़े हों, जिसमें अनुकूल एवं प्रतिकूल परिस्थितियों, आत्मविश्वास, मित्रता, सुरक्षा और खुशी का निर्माण हो।
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डीएम ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि बच्चों की सुरक्षा और उनके अधिकारों का हनन रोकने के लिए चाइल्ड हेल्पलाइन-1098 को व्यापक रूप से प्रचारित एवं प्रसारित कराएं, जिससे बच्चे मानव तस्करी, बाल श्रम, बाल विवाह और बाल ड्रॉपआउट से सुरक्षित रहें। इस मौके़ पर एडीएम प्रशासन विनोद कुमार गौड़, उप जिला मजिस्ट्रेट परमानंद झा सहित संस्था के पदाधिकारी मौजूद रहे।
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