बाल साहित्यकारों ने सुनाईं रचनाएं
हल्दौर। साहित्यिक संस्था हिंदी की गूंज की बाल चौपाल में वरिष्ठ साहित्यकारों ने बाल कलमकारों का हिंदी की विभिन्न विधाओं में अच्छे सृजन के लिए मार्गदर्शन किया।
रविवार देर शाम आनलाइन आयोजित उक्त कार्यक्रम का शुभारंभ में करुणा झा ने किया। बाल साहित्यकार गौरव स्वप्निल ने कहा प्रात: नित्य कार्य कर स्नान करें, रोज ईश्वर का ध्यान। कहानीकार नीलम राकेश चंद्रा ने कहानी ‘फूलों का दर्द सुनाई’। विशिष्ट अतिथि नागेश पांडेय संजय ने कहा ओ अम्मा दो मुझे रजाई, ठंड लग रही है। लक्षिता (हल्द्वानी), सार्थक (हरदोई), शांतनु (मुम्बई), अमृता-प्रीति (नोएडा), राज श्रीवास्तव (दिल्ली), प्रवीण आदि के प्रश्नों के साहित्यकारों ने जवाब दिए। अध्यक्षता कर रहे वरिष्ठ साहित्यकार प्रभुदयाल श्रीवास्तव ने कहा झोलक झोलक झम्मा झम्मा, उई अम्मा उई अम्मा, तोता मैना नाच रहे छत पर छम्मा छम्मा। मुख्य अतिथि व वरिष्ठ बाल साहित्यकार गोविंद शर्मा रहे। संचालन संस्थापक नरेंद्र नीहार ने किया। कार्यक्रम में शशि प्रकाश, डॉ ममता श्रीवास्तव, तरुणा पुंडीर व प्रमोद चौहान सहित गिरिराज सिंह, खेमेंद्र सिंह, निर्मला जोशी, संजय कुमार सिंह, रुचिका शर्मा आदि मौजूद रहे।