सड़कों हाल जानने पहुंचे मुख्य अभियंता
बिजनौर। जिले में नारियल से सड़क के टूटने का मामला अभी शांत नहीं हुआ है। अन्य सड़कों के निर्माण पर भी शिकायतें हो चुकी हैं। इन सबके बाद बुधवार को सिंचाई विभाग के मुख्य अभियंता निर्माणाधीन और अन्य सड़कों का जायजा लेने के लिए बिजनौर पहुंच गए। उन्होंने नहटौर शाखा नहर पर नजीबाबाद के पास बन रही सड़क की जांच की। वहीं, एक साल पहले बनी सड़क का भी हाल देखा, जिसमें कुछ जगहों पर गड्ढे मिले। जिन्हें जल्द भरवाने और निर्माणाधीन सड़क मेें कोई कमी नहीं छोड़ने के निर्देश दिए। उधर, विवादों में फंसी सड़क की मरम्मत मुख्य अभियंता के आने से पहले बुधवार को ही कराई गई।
बुधवार को सिंचाई विभाग के मुख्य अभियंता आरपी सिंह बिजनौर पहुंचे। सबसे पहले उन्होंने पूर्वी गंगा नहर खंड छह नजीबाबाद की ओर से नहटौर शाखा पर श्रवणपुर से आलोपुर तक बनाई जा रही दस किलोमीटर लंबी सड़क का मौका मुआयना किया। यह सड़क मशीन से बनती मिली। हालांकि अभी इसका निर्माण पूरा नहीं हुआ है। मुख्य अभियंता ने सड़क निर्माण में गुणवत्ता बनाए रखने के निर्देश दिए। वहीं, सड़क के दोनों ओर मिट्टी डलवाने के लिए कहा। साथ ही नहर पटरी और नहरों का भी जायजा लिया। इस सड़क को जांचने के बाद उनका काफिला इसी नहर पर कुम्हेड़ा से झालू तक पिछले साल बनी सड़क पर पहुंचा। इस सड़क मेें जगह जगह गड्ढे मिले। जिन्हें जल्द भरवाने के लिए निर्देश दिए हैं। निर्माणाधीन दस किलोमीटर लंबी सड़क की वीडियो नारियल कांड के बाद वायरल हुई थी। जिसमें श्रवणपुर के पास बनते ही सड़क उखड़ने बात बताई जा रही थी। अब इस सड़क को मशीन से बनाया जा रहा है।
जांच पूरी होने तक नहीं होगा सड़क निर्माण
नहटौर शाखा नहर पटरी पर खेड़ा गांव के पास से झालू तक करीब सात किलोमीटर लंबी सड़क का निर्माण सवा करोड़ की लागत से किया जाना था। 700 मीटर सड़क बनने पर सदर विधायक ने दो दिसंबर को इसका उद्घाटन किया था। नारियल नहीं टूटने पर यह सड़क जांच में फंस गई। तीन अलग अलग टीम इस सड़क की जांच कर रही हैं। तीन बार निर्माण सामग्री का नमूना लिया जा चुका है। अब जांच पूरी होने तक इस सड़क के निर्माण पर रोक लगा दी गई है। जिसके चलते नहर पटरी पर पत्थर पड़े दिखाई दे रहे है और सड़क निर्माण थमा हुआ है।
सीई के आने की आहट पर कराई मरम्मत
नारियल कांड वाली 700 मीटर लंबी सड़क पर बुधवार को मरम्मत हुई। बताया गया कि मुख्य अभियंता के जिले में आने की खबर लगते ही इस सड़क पर तारकोल डाला गया। सड़क की बजरी न बिखर पाए इसके लिए तारकोल का छिड़काव करते हुए पत्ते और गन्ने की पत्ती ऊपर से डाल दी गई। दिनभर विवादों में फंसे सात सौ मीटर लंबे सड़क के टुकड़े पर मजदूर काम करते देखे गए।
नहर और सड़कों का निरीक्षण किया गया। एक साल पहले बनी सड़क में कुछ जगहों पर गड्ढे मिले हैं, उन्हें भरने के निर्देश दिए गए हैं। एक निर्माणाधीन सड़क के दोनों ओर मिट्टी डालने के लिए कहा गया है। कमियों को सुधारने के निर्देश दिए गए हैं
- आरपी सिंह, मुख्य अभियंता सिंचाई विभाग मुरादाबाद
नजीबाबाद के पास नहटौर शाखा नहर पटरी पर मशीन से बनाई जा रही सड़क।- फोटो : BIJNOR
नारियल कांड के बाद हल्दौर के गांव कड़ापुर के पास रूका सड़क का निर्माण।- फोटो : BIJNOR