बिजनौर। होली को लेकर युवाओं में उत्साह है। बाजार में रंगों की खुशबू महक रही है। होली की खरीदारी चल रही है। ऐेसे में स्वास्थ्य का ध्यान रखना भी जरूरी है। होली पर केमिकल रंगों के उपयोग से अस्थमा और त्वचा रोग बढ़ने का खतरा रहता है। इसलिए, चिकित्सक हर्बल रंगों से होली मनाने की सलाह दे रहे हैं।
जिले में जगह-जगह रंग एकादशी जुलूस निकल रहे हैं और लोग एक दूसरे को रंगों से सराबोर कर रहे हैं। वहीं दुल्हेंडी की तैयारी भी चल रही है। ऐसे में चिकित्सक केमिकलयुक्त रंगों से त्वचा को नुकसान पहुंचने की आशंका जता रहे हैं। चिकित्सकों की मानें तो थोड़ी सतर्कता आपको रंगों से होने वाली बीमारियों से बचा सकती है। मेडिकल कॉलेज में तैनात त्वचा रोग विशेषज्ञ डॉ. राजीव रस्तोगी ने बताया कि रंगों में मिला केमिकल एलर्जी कर देता है। इसलिए हर्बल रंग बेहतर है। यदि कोई रंग लगा भी दे तो जबरन साबुन या सर्फ से नहीं रगड़ना चाहिए। इससे त्वचा छिल सकती है और इंफेक्शन का खतरा रहता है।
केमिकल रंगों से आंख में हो सकती है एलर्जी
मेडिकल कॉलेज के नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. रजनीश शर्मा ने कहा कि केमिकल युक्त रंगों से आंखों को भी नुकसान हो सकता है। आंख में रंग गिरने से एलर्जी हो सकती है। इससे आंखों में लालिमा, तेज खुजली, जलन, और पानी आने जैसी समस्याएं उत्पन्न होती हैं। आंख में रंग चला जाने पर आंख को साफ पानी से तुरंत अच्छी तरह धोएं।
रंगों से होने वाले नुकसान से ऐसे करें बचाव
- होली खेलने से पहले चेहरे और शरीर पर मॉइस्चराइजर क्रीम लगाएं
- रंग खेलने से पहले नारियल या सरसों का तेल शरीर में लगा लें
- होली के रंग को लंबे समय तक शरीर पर न रहने दें
- रंग लगने के बाद ज्यादा समय तक धूप में न रहें
- होली खेलते समय छोटे बच्चों को रंगों से दूर रखें
- मुंह धोने और स्नान करने के बाद तुरंत क्रीम का इस्तेमाल करें