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सीएचसी लंबे अर्से से उपेक्षा का शिकार

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सीएचसी लंबे अर्से से उपेक्षा का शिकार
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अफजलगढ़। नगर में राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित 30 शैय्याओं वाला सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लम्बे अर्से से उपेक्षा का शिकार बना हुआ है। एक ओर जहां रोगियों को पर्याप्त स्वास्थ्य सेवायें नहीं मिल पा रही हैं। वहीं दूसरी ओर चिकित्सकों सहित तमाम स्वास्थ्य कर्मियों की तैनाती नहीं की जा रही है।
सरकार द्वारा दो दशक पूर्व रोगियों को सुविधा मुहैया कराए जाने के मद्देनजर यहां पानीपत खटका नेशनल हाइवे पर 30 शैय्याओं वाले सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की स्थापना की गई थी। यहां चिकित्सा अधीक्षक तथा महिला चिकित्सक सहित 9 चिकित्सकों के अलावा दर्जनों स्वास्थ्य कर्मियों के पद सृजित किए गए, लेकिन चिकित्सालय की स्थापना से अब तक इन पदों पर विधिवत चिकित्सकों अथवा स्वास्थ्य कर्मियों की तैनाती नहीं की गई। वर्तमान में भी समूचा सीएचसी एक ही चिकित्सक के हवाले है। चिकित्सक को सप्ताह में एक दिन पीएम हाउस भेजा जाता है साथ ही महीने भर में कई दिन विभागीय बैठकों में सम्मिलित होने के लिए जाना पड़ता है। सीएचसी पर क्षेत्र के दो दर्जन से अधिक गांवों सहित नगर पालिका निर्भर है, वहीं बच्चों के बीमार होने की स्थिति में प्राथमिक उपचार की कोई व्यवस्था नहीं है। गंभीरवस्था के चलते बच्चों को उपचार के लिए अन्यत्र ले जाना पड़ता है ।
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नगरवासी जावेद विकार, मनोज चौधरी, जितेन्द्र चौधरी, त्रिलोचन सिंह, मोहम्मद चांद, एडवोकेट शहजाद आलम, रोबिन अग्रवाल तथा अभिनव प्रताप सिंह ने डीएम सहित विभागीय अधिकारियों से सीएचसी के स्वीकृत पदों पर चिकित्सकों व स्वास्थ्य कर्मियों की शीघ्र तैनाती कर क्षेत्रवासियों को पर्याप्त स्वास्थ्य सुविधा मुहैया कराने की मांग की है। इस संबंध में सीएचसी अधीक्षक रजनीश कुमार का कहना है कि चिकित्सकों तथा स्वास्थ्य कर्मियों के रिक्त पदों के संबंध में विभागीय अधिकारियों को अनेक बार अवगत कराया जा चुका है। रिक्त पदों पर तैनाती के लिए विभागीय स्तर पर लगातार प्रयास किये जा रहे हैं।
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