बिजनौर। अभी तक सिर्फ कांवड़ मार्ग पर भारी या माल माहक वाहनों की आवाजाही पर पाबंदी लगी थी। मगर अब दायरा बढ़ाकर जिले की सभी सड़कों पर कर दिया गया है। बाकी सड़कों पर भी रात में 12 बजे से तीन बजे तक ही भारी वाहन चल सकेंगे। मुरादाबाद और हरिद्वार की गुजारिश के बाद अब मुजफ्फरनगर के इनकार पर यह बदलाव किया गया है।
सावन माह की शिवरात्रि और सोमवार को लेकर जिले में कांवड़ियों की आवाजाही है। कांवड़ यात्रा के चलते 21 जुलाई की शाम से जिले में ट्रैफिक डायवर्जन प्लान लागू कर दिया गया था। कांवड़ मार्ग में शामिल जिले की सात सड़कों पर पहले ही भारी वाहनों की आवाजाही बंद है। हरिद्वार-काशीपुर नेशनल हाईवे को वन-वे करके चलाया जा रहा है। हाईवे की दो लेन पूरी तरह से कांवड़ियों के लिए आरक्षित हैं। इसके अलावा कोतवाली देहात से नहटौर और नूरपुर से अमरोहा तक कांवड़ियों के वाहनों के अलावा अन्य किसी वाहन को नहीं निकलने दिया जा रहा है।
अब इस प्लान में बदलाव कर दिया गया है। कांवड़ मार्ग ही नहीं बल्कि अब जिले में किसी भी सड़क पर दिन में भारी वाहन या ट्रक नहीं चल सकेंगे। इनमें कुछ मार्ग पर रोडवेज बसों और जरूरी सामान के ट्रकों को निकाला जा सकता है। भारी वाहनों के लिए रात में 12 बजे से तीन बजे तक समय निर्धारित किया गया है।
- मुजफ्फरनगर और हरिद्वार में दाखिल नहीं हो रहे भारी वाहन
यातायात उप निरीक्षक बलराम यादव ने बताया कि मुजफ्फरनगर में अपने जिले में भीड़ को देखते हुए दिन में भारी वाहनों ट्रकों की एंट्री पर रोक लगा दी है। जिसके चलते मुजफ्फरनगर की ओर दिन में भारी वाहनों को नहीं भेजा जा रहा है। उधर, रविवार को मुरादाबाद ने भारी वाहनों की एंट्री पर रोक लगा दी थी। हालांकि सोमवार को कुछ ढील दी गई। इसके अलावा मंडावर से बालावाली और लक्सर होते हुए हरिद्वार जाने वाले वाहनों पर रोक है। जिसके चलते रविवार को ही बालावाली से हरिद्वार की ओर जाने वाले वाहनों पर बिजनौर की सीमा में ही रोक लगा दी गई थी। उधर, नजीबाबाद से हरिद्वार जाने वाले छोटे वाहन और रोडवेज बस भी नेशनल हाईवे के बजाय समीपुर से हरिद्वार की सीमा में दाखिल हो रही हैं।