बिजनौर। प्रदेशभर में इन दिनों सरकारी दफ्तरों में छापामारी चल रही है। इसी क्रम में सोमवार को डीएम ने सदर तहसील का औचक निरीक्षण कर डाला। तहसीलदार कोर्ट की डायस में वकील का मुंशी और एक कंप्यूटर ऑपरटेर काम करते मिले जबकि तहसीलदार और पेशकार नदारद थे। तहसील में अन्य दफ्तर और पटल का भी निरीक्षण किया। दोपहर बाद एआरटीओ कार्यालय का निरीक्षण किया गया।
सोमवार को दस बजकर पांच मिनट पर डीएम अंकित कुमार अग्रवाल सदर तहसील पहुंच गए। जिन्हें तहसीलदार न्यायालय खुला मिला परंतु तहसीलदार एवं उनके पेशकार अनुपस्थित थे। कोर्ट में डायस पर वकील का मुंशी सुभाष कुमार और कंप्यूटर ऑपरेटर मुकेश कुमार काम करते मिले। इस पर एडीएम को इस मामले में जांच के निर्देश दिए। राजस्व लिपिक का कक्ष बंद मिलने पर कार्यालय का ताला खोला गया। निरीक्षण के वक्त चेतन स्वरूप, मोहर्रिर संजीव शर्मा, एएमजे शुभम कुमार, टंकक बीना रानी, रजिस्ट्रार कानूनगो सुनील कुमार शर्मा, संजय सिंह, रामधन कनिष्ठ सहायक अनुपस्थित मिले। हालांकि नायब तहसीलदार अतुल कुमार उपस्थित मिले। तहसीलदार अमरपाल सिंह, नायब तहसीलदार फैसल कमर देरी से पहुंचे। वहीं एसडीएम कोर्ट के पेशकार राजेंद्र सिंह भी गैरहाजिर मिले। आपूर्ति कार्यालय में पूर्ति निरीक्षक रश्मि सिंह और अनुज कुमार भी मौजूद नहीं मिले। नजारत अनुभाग में भी नौ कर्मी अनुपस्थित मिले। दो राजस्व निरीक्षकों के अलावा अन्य सभी राजस्व निरीक्षक भी गैरहाजिर रहे। उपस्थित राजस्व निरीक्षकों से उनकी डेली डायरी मांगे जाने पर कोई डायरी प्रस्तुत नहीं की गई। अनुपस्थित कर्मचारियों का एक दिन के वेतन पर रोक लगा दी गई।
उधर एआरटीओ कार्यालय में दोपहर बाद डीएम अंकित कुमार और एसपी अभिषेक झा ने एआरटीओ कार्यालय का निरीक्षण किया। यहां सहायक सोहनलाल और विशाल अग्रवाल अवकाश पर मिले। पाया गया कि सर्विस प्रोवाईडर द्वारा उपलब्ध कराए गए कर्मियों के पहचान पत्र का नवीनीकरण नहीं होना पाया गया। कार्यालय अभिलेख बेतरतीब ढंग से रखे मिले।